सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। मंगलवार देर रात सिडनी एयरपोर्ट पर उस समय भावनात्मक और तनावपूर्ण माहौल बन गया जब ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने ऑस्ट्रेलिया से रवाना होने के लिए फ्लाइट पकड़ी। टीम के प्रस्थान से पहले एयरपोर्ट के बाहर प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई, जहां कई लोग रोते-बिलखते दिखाई दिए और पुलिस के साथ हल्की झड़पें भी हुईं।
रवानगी से ठीक पहले कुछ खिलाड़ियों ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे बेहद कठिन परिस्थितियों में देश लौट रही हैं और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। खिलाड़ियों ने यह भी बताया कि मौजूदा हालात में उनके लिए निर्णय लेना आसान नहीं था।
घटना उस समय और नाटकीय हो गई जब टीम की कम से कम एक खिलाड़ी ने विमान में सवार होने से इनकार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में ही रुकना चाहती थी और सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत करती दिखाई दी। हालांकि अधिकारियों ने इस मामले पर विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है।
एयरपोर्ट के बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने ईरान में महिलाओं के अधिकारों और खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। कई लोग बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे थे, जबकि कुछ ने खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में रहने की अपील भी की।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की थी। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ समय के लिए बैरिकेड लगाए गए, लेकिन किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं मिली।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण ईरानी खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। फिलहाल टीम के अधिकांश सदस्य देश लौट चुके हैं, जबकि उस खिलाड़ी की स्थिति स्पष्ट नहीं है जिसने फ्लाइट में बैठने से इनकार किया था।
इस घटनाक्रम ने खेल जगत और मानवाधिकार संगठनों के बीच नई बहस को जन्म दे दिया है।