फर्जी नौकरी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी को तीन साल की जेल

फर्जी नौकरी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी को तीन साल की जेल

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में एक 19 वर्षीय युवती को फर्जी नौकरी का लालच देकर ऑफिस बिल्डिंग में ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को तीन साल की जेल की सजा सुनाई है।

33 वर्षीय रमेश्वर प्रसाद सिंह ने अगस्त 2024 में एक नेपाली क्लासीफाइड ऐप पर नौकरी का विज्ञापन पोस्ट किया था, जिसमें “केवल महिलाओं के लिए नौकरी” लिखते हुए प्रति घंटे 29 डॉलर नकद भुगतान का लालच दिया गया था। विज्ञापन में बताया गया था कि काम छोटे-मोटे मरम्मत के कार्य और एक इंटीरियर डिजाइनर की मदद करना होगा।

पीड़िता ने इस विज्ञापन का जवाब दिया, जिसके बाद आरोपी ने उसे उसी शाम रात 8 बजे सिडनी के ऐशफील्ड इलाके में मिलने के लिए बुलाया। दोनों ऐशफील्ड मॉल में मिले, जहां से आरोपी उसे पास की एक ऑफिस बिल्डिंग में ले गया।

अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी युवती को एक सुनसान और बंद पड़ी इमारत के अंदर ले गया, जहां सभी लाइटें बंद थीं। युवती को स्थिति संदिग्ध लगी और उसने अपने एक दोस्त को फोन कर दिया। दोस्त ने उसे तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी।

युवती ने बहाना बनाकर वहां से जाने की कोशिश की और लिफ्ट में पहुंच गई, लेकिन आरोपी उसके पीछे आ गया। उसने युवती का फोन छीनकर कॉल काट दी और दूसरे फ्लोर पर लिफ्ट खुलते ही उसे जमीन पर गिराकर दुष्कर्म किया।

पीड़िता ने अदालत में बताया कि वह आरोपी से बार-बार उसे छोड़ देने की गुहार लगाती रही और उसे लगा कि वह मर जाएगी। आरोपी ने धमकी दी कि वह किसी को इस घटना के बारे में न बताए।

कुछ देर बाद आरोपी ऊपर जाने के बहाने उसका फोन लेकर चला गया। इसी दौरान युवती ने इमारत में बाहर निकलने का रास्ता तलाशा और एक फायर एग्जिट से भागकर पास के केमिस्ट वेयरहाउस स्टोर में पहुंची, जहां से उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने उसी रात मामला दर्ज कर जांच शुरू की और 21 अगस्त 2024 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके साथ हुए हमले के कारण लगी चोटों का इलाज किया गया।

न्यू साउथ वेल्स जिला अदालत ने आरोपी को बिना सहमति यौन संबंध बनाने के अपराध में दोषी ठहराते हुए तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने बताया कि आरोपी को पहले ही हिरासत में बिताए समय को ध्यान में रखते हुए 20 मई 2026 को रिहा किया जा सकता है।

अदालत में यह भी सामने आया कि घटना के समय आरोपी ऑस्ट्रेलिया में अस्थायी ग्रेजुएट वीजा पर रह रहा था और जिस ऑफिस बिल्डिंग में घटना हुई वह उस समय उपयोग में नहीं थी।