eSafety कमिश्नर बोलीं - YouTube को भी सोशल मीडिया बैन से नहीं मिलनी चाहिए छूट

eSafety कमिश्नर बोलीं - YouTube को भी सोशल मीडिया बैन से नहीं मिलनी चाहिए छूट

नई दिल्ली/कैनबरा, 24 जून 2025:
ऑस्ट्रेलिया की eSafety कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने संचार मंत्री एनीका वेल्स को सिफारिश भेजते हुए कहा है कि YouTube को 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर लागू होने वाले सोशल मीडिया बैन से छूट नहीं मिलनी चाहिए।

eSafety कमिश्नर ने यह प्रतिक्रिया उस प्रस्तावित नियमावली के संबंध में दी है, जिसे वर्ष के अंत से पहले लागू किया जाना है। इस नए कानून का उद्देश्य बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत बनाना है और सोशल मीडिया से जुड़े जोखिमों से उन्हें बचाना है।

फिलहाल, प्रस्तावित नियमों में YouTube को छूट दी गई है, जिसकी पैरवी पूर्व संचार मंत्री ने की थी। हालांकि, इस छूट के लिए कोई स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है। जूली इनमैन ग्रांट ने अपनी रिपोर्ट में पांच सुझाव दिए हैं, जिनमें सबसे अहम यह है कि “YouTube को नियमों से बाहर करने वाली धारा को हटाया जाए।”

कमिश्नर का कहना है कि YouTube भले ही एक वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म हो, लेकिन इसके पास भी कमेंट्स, लाइव चैट और रेकमेंडेशन जैसे फीचर्स हैं, जो सोशल मीडिया की ही तरह बच्चों को प्रभावित कर सकते हैं।

यह सिफारिश ऐसे समय में आई है जब ऑस्ट्रेलिया की सरकार सोशल मीडिया पर बच्चों की उपस्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने भी संकेत दिया है कि यह कानून साल के अंत तक संसद से पारित कर दिया जाएगा।

निष्कर्षतः, eSafety कमिश्नर की यह सिफारिश सरकार और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच एक बड़ी बहस को जन्म दे सकती है — क्या YouTube को बच्चों के लिए सुरक्षित माना जा सकता है या उसे भी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की तरह ही सख्त निगरानी में लाना जरूरी है?