उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के विलय (पेयरिंग) को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। सरकार अब 2,000 से 3,000 स्कूलों के विलय आदेशों को निरस्त करने जा रही है। इनमें सबसे अधिक मामले अंबेडकरनगर जिले से सामने आए हैं, जहां अब तक 154 स्कूलों का विलय रद्द किया जा चुका है।
पिछले कुछ महीनों में विद्यालयों के विलय की प्रक्रिया के दौरान कई जिलों से अनियमितताओं और अधिकारियों की मनमानी की शिकायतें सामने आईं। स्थानीय स्तर पर नियमों की अनदेखी करते हुए दूरदराज के और अधिक नामांकन वाले विद्यालयों को भी विलय सूची में शामिल कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे विद्यालय जिनकी आपसी दूरी एक किलोमीटर से अधिक है या जिनमें 50 से ज्यादा छात्र नामांकित हैं, उनका विलय नहीं किया जाएगा। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं।
अब तक की रिपोर्ट के अनुसार:
अंबेडकरनगर – 154
चित्रकूट – 40
गोरखपुर – 31
ललितपुर – 12
अनुमान है कि सभी जिलों में मिलाकर यह संख्या दो से तीन हजार के बीच होगी।
वहीं, परिषदीय विद्यालयों में तबादला प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन सोमवार रात समाप्त हो गए हैं। इन आवेदनों का सत्यापन 5 और 6 अगस्त को बीएसए द्वारा किया जाएगा, जबकि 8 अगस्त को तबादला आदेश जारी किए जाएंगे।
हालांकि जिन स्कूलों का विलय निरस्त किया जा रहा है, उनके संबंध में तबादला प्रक्रिया में कैसे समायोजन किया जाएगा, इस पर अभी विभागीय स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समीक्षा बैठक में साफ कहा कि विलय प्रक्रिया मानकों के अनुसार ही होनी चाहिए। साथ ही, अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके तहत सोमवार को निदेशालय स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई, और कार्रवाई की तैयारी भी शुरू हो गई है।