ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में हुई बहस के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक ऐसा भाषण दिया, जिसने न सिर्फ विरोधियों को कठघरे में खड़ा किया बल्कि बीजेपी समर्थकों के बीच भी खूब वाहवाही बटोरी।
ओवैसी आमतौर पर भारतीय जनता पार्टी और संघ विचारधारा के प्रबल आलोचक माने जाते हैं। ऐसे में उनका भाषण बीजेपी समर्थकों को भाए, यह थोड़ा असामान्य जरूर लगता है। मगर जब उनके भाषण का विश्लेषण किया जाए तो इसकी वजहें साफ हो जाती हैं।
ओवैसी ने अपने भाषण में कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने इंदिरा गांधी के शासनकाल के दौरान आपातकाल, शाहबानो केस में लिए गए फैसले और कश्मीर नीति जैसे कई मुद्दों पर कांग्रेस को जमकर घेरा। उन्होंने कांग्रेस पर ‘मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक’ की तरह इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
बीजेपी समर्थकों के लिए यह बातें न सिर्फ राजनीतिक रूप से अनुकूल थीं, बल्कि उनके विचारों को मजबूती देने वाली भी थीं। सोशल मीडिया पर कई बीजेपी समर्थकों ने ओवैसी के वीडियो क्लिप्स साझा करते हुए लिखा कि "कम से कम ओवैसी ने कांग्रेस की असलियत तो बताई।"
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी ने एक तरफ जहां कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, वहीं उन्होंने बीजेपी की ‘हिंदुत्व राजनीति’ पर सीधा हमला करने से परहेज किया। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि वे अपने वोट बैंक को बनाए रखने के साथ-साथ विपक्ष के भीतर अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं।
ओवैसी का यह भाषण कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कई बीजेपी समर्थकों ने उन्हें ‘सच्चा विपक्षी’ तक कह दिया। ट्विटर पर #OwaisiExposesCongress ट्रेंड करने लगा।