व्हाइट हाउस का बड़ा बयान: "हिंद-प्रशांत में भारत अहम रणनीतिक सहयोगी", पीएम मोदी से ट्रंप के संबंध को बताया 'घनिष्ठ'

व्हाइट हाउस का बड़ा बयान: "हिंद-प्रशांत में भारत अहम रणनीतिक सहयोगी", पीएम मोदी से ट्रंप के संबंध को बताया 'घनिष्ठ'

वाशिंगटन, अमर उजाला।
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बेहद घनिष्ठ संबंध हैं, जो आगे भी मजबूत बने रहेंगे।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारतीय समाचार एजेंसी एएनआई के सवाल का जवाब देते हुए यह बयान दिया। उनसे पूछा गया था कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को राष्ट्रपति ट्रंप किस दृष्टिकोण से देखते हैं।

लेविट ने कहा, "भारत इस क्षेत्र में अमेरिका का बहुत ही महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी है। राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच गहरे व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंध हैं और ये संबंध भविष्य में भी कायम रहेंगे।"

ऑपरेशन सिंदूर के बाद संबंधों में खटास

व्हाइट हाउस का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत और अमेरिका के संबंधों में कुछ खटास देखने को मिली थी। ट्रंप द्वारा बार-बार युद्धविराम का श्रेय लेने पर भारत सरकार ने असहमति जताई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्पष्ट कर चुके हैं कि इस संघर्ष में किसी तीसरे देश की कोई मध्यस्थता नहीं हुई है।

इस बीच, ट्रंप द्वारा पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस में भोज पर बुलाने को लेकर भी भारत में नाराजगी देखी गई और ट्रंप प्रशासन की मंशा पर सवाल उठे हैं।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी चर्चा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब व्हाइट हाउस से यह पूछा गया कि क्या भारत के साथ व्यापार समझौता जल्द होने वाला है, तो कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की कि यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

उन्होंने कहा, "हम भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद पिछले सप्ताह इसकी घोषणा की थी। मैंने अभी हाल ही में वाणिज्य सचिव से बात की है, जो राष्ट्रपति के साथ ओवल ऑफिस में थे। वे इस समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।"

ट्रंप की घोषणा: "भारत के साथ बड़ी डील जल्द"

राष्ट्रपति ट्रंप ने भी पिछले सप्ताह कहा था कि वे भारत के साथ एक व्यापक व्यापार समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी माना कि अभी भारत में व्यापार करना काफी कठिन है और मौजूदा सीमाओं को हटाने की आवश्यकता है। दोनों देश नौ जुलाई से पहले इस समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयासरत हैं।

टैरिफ छूट की समयसीमा और अंतिम बातचीत

भारत और अमेरिका के बीच यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका ने 2 अप्रैल को घोषित टैरिफ दरों को 9 जुलाई तक के लिए निलंबित कर रखा है। व्यापारिक सूत्रों के मुताबिक अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी कृषि, डेयरी उत्पादों पर टैक्स में कटौती करे और जेनेटिकली मॉडिफाइड फसलों के लिए अपना बाजार खोले।