सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में इज़राइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान निकाली गई इज़राइल-विरोधी रैली सोमवार शाम हिंसक हो गई। इस घटना के बाद न्यू साउथ वेल्स (NSW) के प्रीमियर Chris Minns ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस को “एक असंभव परिस्थिति” में डाल दिया गया था।
करीब 6,000 प्रदर्शनकारी सिडनी के केंद्रीय व्यापारिक इलाके (CBD) में एकत्र हुए थे। आयोजक समूह Palestine Action Group द्वारा बुलाई गई इस रैली के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया, जिसके बाद शहर के कई हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस के अनुसार, हिंसा के सिलसिले में 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 10 पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में पेपर स्प्रे के इस्तेमाल और हाथापाई के दृश्य भी दिखाई दिए, जिस पर मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं।
मंगलवार सुबह Today कार्यक्रम में एंकर Karl Stefanovic से बातचीत में प्रीमियर मिन्स ने कहा,
“पुलिस ने टकराव से बचने की पूरी कोशिश की। पिछले सप्ताह ही उन्होंने आयोजकों से अनुरोध किया था कि रैली को हाइड पार्क में आयोजित किया जाए, जहां मार्च सुरक्षित रूप से हो सकता था। लेकिन जब पुलिस लाइन तोड़ी गई और हालात बेकाबू हुए, तो उनके पास बहुत सीमित विकल्प रह गए।”
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन उस समय हुआ, जब NSW Supreme Court ने राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान पुलिस को मिले विशेष अधिकारों को हटाने की याचिका खारिज कर दी थी।
उधर, Palestine Action Group ने मंगलवार शाम को “पुलिस बर्बरता” के विरोध में एक और प्रदर्शन की घोषणा की है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिस अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर ऑस्ट्रेलिया में बहस छेड़ दी है।