बजट 2026-27: किसानों, युवाओं, महिलाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का बड़ा फोकस

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां बजट किया पेश

बजट 2026-27: किसानों, युवाओं, महिलाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का बड़ा फोकस

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। अपने बजट भाषण में उन्होंने किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिलाओं, युवाओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, खेल और बैंकिंग सेक्टर को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। सरकार ने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सेवा क्षेत्र, कौशल विकास और तकनीक आधारित विकास पर विशेष जोर दिया है।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नई योजनाएं

वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। मत्स्य पालन के क्षेत्र में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा, जबकि तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा।
पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे और पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा। नारियल, काजू, कोको और चंदन जैसी फसलों के लिए विशेष कार्यक्रम लाकर इन्हें वैश्विक ब्रांड के रूप में विकसित किया जाएगा।
किसानों की मदद के लिए बहुभाषी एआई टूल भारत-विस्तार कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिससे कृषि से जुड़े निर्णय अधिक प्रभावी हो सकेंगे।

ग्रामीण महिलाओं के लिए शी-मार्ट्स

ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले स्व-सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने के लिए शी-मार्ट्स की शुरुआत की जाएगी। इससे महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए संगठित मंच मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।

युवाओं के कौशल और रोजगार पर जोर

सरकार ने युवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए सेवा क्षेत्र को विकास का प्रमुख आधार बताया। शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता को जोड़ने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति बनाई जाएगी। लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक भारत सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी हासिल करे।

इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी रफ्तार

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। इन्फ्रा जोखिम गारंटी निधि की स्थापना होगी और रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रिसाइक्लिंग के लिए आरईआईटी को बढ़ावा दिया जाएगा।
पूर्व में डानकूनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी बजट का अहम हिस्सा रही।

पर्यटन, खेल और संस्कृति पर विशेष ध्यान

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना की जाएगी। 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा और नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनाया जाएगा।
धोलावीरा सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
खेल क्षेत्र में अगले दस वर्षों के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू होगा, जिसके तहत प्रशिक्षण केंद्र, कोचिंग ढांचा और प्रतियोगिताओं को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाएगा।

बैंकिंग और वित्तीय सुधार

वित्त मंत्री ने बैंकिंग सेक्टर में सुधार आधारित विकास जारी रखने की बात कही। बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी और विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों की व्यापक समीक्षा होगी। कॉरपोरेट और म्यूनिसिपल बॉन्ड बाजार को मजबूती देने के लिए भी कई प्रोत्साहन प्रस्तावित किए गए हैं।