अमेरिका AI दौड़ में चीन से पिछड़ सकता है: गूगल CEO सुंदर पिचाई की चेतावनी

अमेरिका AI दौड़ में चीन से पिछड़ सकता है: गूगल CEO सुंदर पिचाई की चेतावनी

वॉशिंगटन। गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर देश में बिखरे और असंगठित नियमों को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया, तो अमेरिका वैश्विक AI दौड़ में चीन से पिछड़ सकता है।

फ़ॉक्स न्यूज़ संडे से बातचीत में पिचाई ने खुलासा किया कि अमेरिका की विभिन्न राज्य सरकारों में फिलहाल 1000 से अधिक AI संबंधी विधेयक लंबित हैं। उनके अनुसार यह “नियमों की भूलभुलैया” नवाचार को रोक सकती है और इससे चीन को बड़ा फायदा मिल सकता है।

पिचाई ने कहा,
“इतने तरह-तरह के नियमों के बीच कोई कैसे काम करेगा? और फिर चीन जैसा देश, जो बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है, उससे प्रतिस्पर्धा कैसे होगी?”

राष्ट्रीय स्तर पर統 नियमों की ज़रूरत

उन्होंने कहा कि AI जैसी क्रांतिकारी तकनीक को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत नीति बनाना अनिवार्य है, अन्यथा राज्यों के अलग-अलग नियम पूरे सिस्टम को धीमा कर देंगे।

चीन का तेज निवेश, पश्चिमी देशों की चिंता

यह बयान तब आया है जब चीन AI में अरबों डॉलर झोंक रहा है और अपनी क्षमता को आक्रामक रूप से बढ़ा रहा है।
दूसरी ओर अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश तकनीक के दुरुपयोग को रोकने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के बीच संतुलन तलाश रहे हैं।

पिचाई ने कहा कि सरकार और टेक कंपनियों को मिलकर काम करना होगा ताकि AI का दुरुपयोग रोका जा सके।
उन्होंने कहा,
“तकनीक के हथियार बनने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद ज़रूरी है। हमें साझा मानक और वैश्विक ढांचे तैयार करने होंगे।”

AI का दोहरा चरित्र—फायदा भी, खतरा भी

पिचाई ने माना कि AI से समाज को अपार लाभ मिलेंगे, लेकिन यह “दोधारी तलवार” भी हो सकती है। अपराधी इसे साइबर हमलों, धोखाधड़ी और फेक सामग्री फैलाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
हालांकि उन्होंने बताया कि गूगल भी AI का उपयोग इन अपराधों से लड़ने के लिए कर रहा है—जैसे DeepMind की SynthID तकनीक, जो AI-निर्मित फोटो और वीडियो की पहचान कर सकती है।

उन्होंने हाल ही में आए एक अदालत के फैसले का उल्लेख किया, जिसमें गूगल ने एक विशाल फ़िशिंग रैकेट के खिलाफ जीत हासिल की।
“जिस तरह अपराधी AI का उपयोग कर रहे हैं, उसी तरह हमें भी AI को रक्षा के लिए उपयोग करना होगा,” उन्होंने कहा।

अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाने की योजना

बातचीत के दौरान पिचाई ने गूगल की महत्वाकांक्षी “सनकैचर” परियोजना का भी उल्लेख किया—यह एक ऐसा विचार है जिसके तहत अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा से चलने वाले AI डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, ताकि बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा,
“आने वाले दशक में यह सामान्य बात हो जाएगी कि डेटा सेंटर पृथ्वी से बाहर भी बनेंगे।”