गाज़ा संकट पर यूएनएससी की कड़ी टिप्पणी

गाज़ा संकट पर यूएनएससी की कड़ी टिप्पणी

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में गाज़ा में बिगड़ते मानवीय हालात को लेकर बुधवार को अहम चर्चा हुई। अमेरिका को छोड़कर परिषद के सभी 14 सदस्य देशों ने एक साझा बयान जारी कर गाज़ा में भुखमरी को "मानव निर्मित संकट" करार दिया और इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया।


युद्धविराम और मानवीय सहायता की अपील

सदस्यों ने तत्काल बिना शर्त स्थायी युद्धविराम, हमास और अन्य गुटों के कब्जे में मौजूद सभी बंधकों की रिहाई तथा गाज़ा में सहायता आपूर्ति में पर्याप्त वृद्धि की मांग की। उन्होंने इस्राइल से आग्रह किया कि सहायता वितरण पर लगाए गए सभी प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं। परिषद ने चेताया कि भुखमरी को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है।


गाज़ा में अकाल की स्थिति

वैश्विक भूख निगरानी एजेंसी के अनुसार, गाज़ा शहर और आसपास के क्षेत्र अब आधिकारिक तौर पर अकाल से जूझ रहे हैं। अनुमान है कि लगभग 5.14 लाख लोग, यानी गाज़ा की कुल आबादी का चौथाई हिस्सा, भुखमरी का सामना कर रहा है। यह संख्या सितंबर के अंत तक बढ़कर 6.41 लाख तक पहुंच सकती है।


इस्राइल की प्रतिक्रिया

इस्राइल ने इन रिपोर्टों को खारिज करते हुए उन्हें "गलत और पक्षपातपूर्ण" बताया। उसका कहना है कि सर्वेक्षण अधूरी जानकारी पर आधारित है और इसमें हमास से मिली सूचनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। इस्राइल का दावा है कि हाल ही में गाज़ा में खाद्यान्न पहुंचाया भी गया है।


सीरिया में इस्राइली हमले

इसी बीच, इस्राइल ने दक्षिण-पश्चिमी दमिश्क के ग्रामीण इलाकों में पूर्व सैन्य बैरकों पर कई हमले किए। यह 24 घंटों के भीतर दूसरा बड़ा हमला था। रिपोर्टों के अनुसार, हमलों का निशाना किस्वा क्षेत्र और जबल मानेआ थे, जिन्हें पहले ईरान समर्थक मिलिशिया इस्तेमाल करती रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब दमिश्क और इस्राइल के बीच तनाव कम करने के लिए सुरक्षा वार्ताएं चल रही हैं।


👉 कुल मिलाकर, यूएनएससी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि गाज़ा में मानवीय संकट को तुरंत रोका जाए और इस्राइल को अपना रुख बदलना होगा, वरना हालात और भयावह हो सकते हैं।