एक तरफ दबाव की बात, दूसरी तरफ तारीफ... ट्रंप ने कहा – 'ईरान बहादुरी से लड़ा जंग'

एक तरफ दबाव की बात, दूसरी तरफ तारीफ... ट्रंप ने कहा – 'ईरान बहादुरी से लड़ा जंग'

वॉशिंगटन/तेहरान | 26 जून 2025
ईरान और इजरायल के बीच हाल ही में हुए संघर्षविराम (सीजफायर) के बाद अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति नए मोड़ पर पहुंच रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चौंकाने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने जहां ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के संकेत दिए, वहीं उन्होंने ईरान की "बहादुरी" की भी सराहना की।

डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, “ईरान ने बहादुरी से लड़ा और अपने देश की रक्षा की। हम शांति चाहते हैं और इसके लिए हम कुछ प्रतिबंधों की समीक्षा कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान युद्ध को समाप्त रखता है, तो अमेरिका उसके तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों को नरम कर सकता है।

चीन को मिल सकती है 'ग्रीन सिग्नल'

ट्रंप के बयान के बाद चर्चा है कि चीन को ईरान से तेल आयात करने की अनुमति मिल सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका अब ईरान पर से आंशिक दबाव हटाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है, जिससे चीन जैसे बड़े आयातक देशों को राहत मिल सकती है।

दोहरी नीति की आलोचना

हालांकि, ट्रंप के इस बयान की आलोचना भी हो रही है। कई विश्लेषकों का कहना है कि एक तरफ अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखने की बात करता है, दूसरी तरफ उसके ‘बहादुर’ कहकर सम्मान भी करता है। यह अमेरिकी विदेश नीति की दोहरी चाल को उजागर करता है।

सीजफायर के बाद ईरान और इजरायल दोनों कर रहे पुनर्निर्माण

ईरान और इजरायल के बीच हालिया संघर्ष के दौरान भारी जान-माल की क्षति हुई थी। अब दोनों देशों ने अपने-अपने शहरों और सैन्य ढांचों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बीच, अमेरिका की भूमिका, विशेषकर ट्रंप के रुख, पर दुनियाभर की नजरें टिकी हैं।