सिडनी – न्यू साउथ वेल्स (NSW) की एक महिला द्वारा अपनी वसीयत में अपनी पूरी 1 मिलियन डॉलर (लगभग 7.5 करोड़ रुपये) की संपत्ति सिडनी ओपेरा हाउस ट्रस्ट को सौंपने का मामला अब कोर्ट के दरवाजे तक पहुँच चुका है, जहां उनकी एक पुरानी दोस्त ने इस पर आपत्ति जताई है और दावा किया है कि वह इस संपत्ति की असली हकदार है।
2020 में बनी वसीयत में महिला ने अपने पूरे संपत्ति का वारिस प्रतिष्ठित सिडनी ओपेरा हाउस ट्रस्ट को बनाया था। महिला, जो खुद एक समर्पित ओपेरा प्रेमी थी, ने अपनी अंतिम इच्छा में लिखा था कि उसकी सारी संपत्ति कला और संस्कृति के इस प्रतिष्ठान को दी जाए। लेकिन अब इस फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
महिला की करीबी दोस्त, जो पेशे से अरोमाथेरेपिस्ट हैं, ने अदालत में दावा किया है कि उन्होंने वर्षों तक महिला की देखभाल की, उनका मानसिक और भावनात्मक सहारा बनी रहीं और महिला की जिंदगी में उनका गहरा प्रभाव रहा। उनका कहना है कि वसीयत में उनका नाम न होना अन्यायपूर्ण है और वे इस संपत्ति पर कानूनी अधिकार रखती हैं।
NSW सुप्रीम कोर्ट में यह मामला अब चल रहा है, जहां इस बात की जांच की जा रही है कि क्या महिला वसीयत बनाते समय किसी दबाव में थीं या उन्होंने पूरी समझ के साथ यह फैसला लिया था। कोर्ट यह भी देखेगा कि क्या दोस्त का दावा वैधानिक रूप से टिकाऊ है।
यह मामला सिर्फ एक करोड़ों की विरासत की लड़ाई नहीं, बल्कि दोस्ती, देखभाल, भरोसे और आखिरी इच्छाओं के टकराव की जटिल कहानी बन चुका है। कोर्ट का फैसला न सिर्फ दोनों पक्षों के लिए अहम होगा, बल्कि भविष्य में इस तरह के मामलों में एक मिसाल भी तय कर सकता है।