ठाकरे बंधु साथ आए, BMC समेत कई नगर निकायों में मिलकर लड़ेंगे चुनाव

ठाकरे बंधु साथ आए, BMC समेत कई नगर निकायों में मिलकर लड़ेंगे चुनाव

मुंबई, 15 अगस्त 2025 — महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम मोड़ लेते हुए उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने साथ मिलकर आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। यह घोषणा शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की।

संजय राउत के अनुसार, यह गठबंधन सिर्फ बीएमसी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि नासिक, ठाणे, कल्याण–डोंबिवली सहित कई अन्य नगर निकायों में भी दोनों पार्टियां एकजुट होकर मैदान में उतरेंगी। उन्होंने कहा कि ठाकरे बंधुओं की यह साझेदारी मराठी मतदाताओं की एकता और ताकत का प्रतीक होगी।

"मराठी मानुष को बांटने की किसी भी साजिश को हम नाकाम करेंगे। उद्धव और राज ठाकरे का साथ आना महाराष्ट्र के लिए एक ऐतिहासिक पल है," — संजय राउत

बीजेपी–शिंदे शिवसेना पर निशाना

राउत ने बिना नाम लिए राज्य की सत्ता में शामिल महायुति गठबंधन — जिसमें बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना शामिल है — पर हमला बोला। उनका कहना था कि ठाकरे बंधुओं का यह गठबंधन नगर निकायों में विपक्ष की ताकत को कई गुना बढ़ा देगा।

बीजेपी की प्रतिक्रिया

इस ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र सरकार में बीजेपी के वरिष्ठ मंत्री गिरीश महाजन ने संजय राउत के दावों को खारिज किया और कहा कि गठबंधन का असर उतना बड़ा नहीं होगा जितना दावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में असली चुनौती मतदाताओं के भरोसे और विकास के मुद्दों पर होगी।

वर्तमान ताकत

  • बीएमसी (227 सीटें) — शिवसेना (यूबीटी): 90 | एमएनएस: 1

  • ठाणे (131 सीटें) — शिवसेना (यूबीटी): 67 | एमएनएस: 0

  • कल्याण–डोंबिवली (122 सीटें) — शिवसेना (यूबीटी): 52 | एमएनएस: 9

  • नासिक (122 सीटें) — शिवसेना (यूबीटी): 35 | एमएनएस: 5

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस गठबंधन से महानगरों में मराठी वोट बैंक का ध्रुवीकरण हो सकता है, जिससे महायुति गठबंधन को सीधी टक्कर मिलेगी। हालांकि, अंतिम नतीजे उम्मीदवार चयन, स्थानीय समीकरण और चुनाव प्रचार की रणनीति पर निर्भर करेंगे।