यूरोप में नहीं बिका 'टेस्ला' का जादू, एलन मस्क की छवि और चीनी EV की बढ़त बनी वजह

यूरोप में नहीं बिका 'टेस्ला' का जादू, एलन मस्क की छवि और चीनी EV की बढ़त बनी वजह

यूरोप में टेस्ला की बिक्री में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है, जो कंपनी के लिए चिंता का विषय बन गई है। इस गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं — एक ओर जहां एलन मस्क की सार्वजनिक और राजनीतिक छवि पर लोगों की नाराज़गी बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर चीनी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माता कंपनियां बाज़ार में आक्रामक रूप से अपनी पकड़ बना रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोपीय उपभोक्ताओं के बीच एलन मस्क की कुछ दक्षिणपंथी विचारधाराओं और बयानों को लेकर असहमति बढ़ी है। कई पर्यवेक्षकों के अनुसार, मस्क की सोशल मीडिया गतिविधियां और राजनीतिक झुकाव अब टेस्ला की ब्रांड इमेज को प्रभावित कर रहे हैं।

उधर, चीन की कंपनियां जैसे BYD और Nio यूरोप में गुणवत्ता, सस्ते दाम और अत्याधुनिक तकनीक के साथ तेज़ी से विस्तार कर रही हैं। टेस्ला के पारंपरिक खरीदार अब इन विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्ला की यूरोप में पहली तिमाही की बिक्री में 25% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चीनी EV ब्रांड्स की हिस्सेदारी में 15-20% तक की बढ़ोत्तरी देखी गई है।

यूरोपियन यूनियन की नई ग्रीन पॉलिसीज़ और सख्त कार्बन नियमों ने भी स्थानीय उपभोक्ताओं को वैकल्पिक EV ब्रांड्स की ओर मोड़ा है, जो न केवल किफायती हैं बल्कि स्थानीय सर्विस नेटवर्क भी मजबूत बना रहे हैं।

अगर टेस्ला को यूरोपीय बाजार में अपनी पुरानी स्थिति वापस पानी है, तो उसे न केवल अपनी पॉलिटिकल इमेज पर काम करना होगा, बल्कि चीनी प्रतिस्पर्धा के खिलाफ रणनीतिक रूप से खुद को दोबारा स्थापित भी करना होगा।