ऑस्ट्रेलिया: कैंसर का झूठ बोलकर दादी ने 4 लाख डॉलर की ठगी की, जेल भेजी गईं

ऑस्ट्रेलिया: कैंसर का झूठ बोलकर दादी ने 4 लाख डॉलर की ठगी की, जेल भेजी गईं

सिडनी, 29 जून 2025 – सिडनी की एक 64 वर्षीय महिला विवियाना वेरास को अपने परिचितों से करीब 4 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर (लगभग ₹2.2 करोड़) ठगने के मामले में जेल भेज दिया गया है। उन्होंने खुद को कैंसर पीड़िता बताकर सहानुभूति जुटाई और लोगों से पैसा लेकर उसे जुए की लत पर खर्च कर दिया।

विवियाना ने अपने ऊपर लगे एक साल की जेल की सज़ा को चुनौती दी थी, लेकिन न्यू साउथ वेल्स जिला न्यायालय ने उनकी अपील खारिज कर दी। मई 2024 में उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई थी, जिसमें न्यूनतम पांच महीने की गैर-जमानती अवधि शामिल थी। फैसला आने तक उन्हें ज़मानत पर छोड़ा गया था, लेकिन अब उन्हें जेल भेज दिया गया है।

कैसे दिया गया लोगों को धोखा

विवियाना वेरास ने 2016 से 2021 के बीच अपने चार परिचितों को यह कहकर झांसे में लिया कि वह उनके पैसे "इन्वेस्ट" करेंगी। एक पीड़िता उनकी सबसे करीबी मित्र थी, जो 2016 में उन्हीं के बिल्डिंग में रहने के दौरान मिली थीं। उन्होंने बताया कि वेरास ने उनके छोटे बच्चों की देखभाल में भी मदद की और उनके लिए ऊन के कपड़े बुने।

पैसे लौटाने के सवाल पर वेरास ने बहाने बनाना शुरू किया—कभी कहा कि उन्हें कैंसर हो गया है और इलाज चल रहा है, तो कभी दावा किया कि उनकी मां की कोविड-19 से मृत्यु हो गई है और अंतिम संस्कार के लिए पैसे चाहिए।

इन सभी दावों को अदालत ने झूठा करार दिया।

परिचितों का दर्द और प्रतिक्रिया

चारों पीड़ितों ने एक संयुक्त बयान में कहा, “यह हमारे जीवन का एक लंबा और दर्दनाक अध्याय रहा है। सबसे दुखद बात यह रही कि गिरफ़्तारी के बाद भी विवियाना ने झूठ बोलना नहीं छोड़ा और कोर्ट में कोई पछतावा नहीं जताया।”

हालांकि वे यह भी कहते हैं कि "कोई भी सजा उस नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती जो हुआ है, लेकिन आज का फैसला कुछ हद तक न्याय और closure का एहसास कराता है।”

कोर्ट का फैसला और आगे की प्रक्रिया

वेरास को पहली बार 2022 में गिरफ्तार किया गया था। अब जज पॉल कॉनलोन ने उनकी अपील खारिज करते हुए सजा को बरकरार रखा। वेरास इस सुनवाई में बिना किसी वकील के पेश हुईं।

उन्हें 25 नवंबर 2025 को ज़मानत के लिए अर्जी देने की अनुमति होगी।