वॉशिंगटन।
अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में चलाए जा रहे सख्त आव्रजन अभियान के तहत छह ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के अनुसार, इन सभी को अवैध रूप से अमेरिका में रहने और गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी पाए जाने के बाद हिरासत में लिया गया है।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की वेबसाइट पर जारी जानकारी के मुताबिक, इन गिरफ्तारियों को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) द्वारा देशभर में की गई छापेमारी के दौरान अंजाम दिया गया। विभाग ने इन आरोपियों को “सबसे ख़तरनाक अपराधियों” की श्रेणी में रखा है।
गिरफ्तार किए गए ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों पर धोखाधड़ी, कोकीन तस्करी, अवैध हथियार रखने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों में पहले ही सजा हो चुकी है।
इनमें पर्थ के पूर्व मोबाइल फोन तकनीकी अधिकारी डार्सी वेड भी शामिल हैं। वेड को वर्ष 2018 में अमेरिका में करीब 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी योजना चलाने का दोषी ठहराया गया था। अदालत के अनुसार, इस योजना के तहत मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं को बिना जानकारी दिए हर महीने 9.99 डॉलर के मैसेजिंग सब्सक्रिप्शन में जोड़ा गया, जिससे लाखों लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ।
न्यूयॉर्क की एक अदालत ने सुनवाई के दौरान बताया कि वेड ने इस घोटाले से 17 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की अवैध कमाई की थी।
DHS की वेबसाइट पर वेड को उन “अवैध विदेशी नागरिकों” की सूची में शामिल किया गया है, जिन्हें वर्तमान गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम के नेतृत्व में गिरफ्तार किया गया है। विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के उस वादे का हिस्सा है, जिसके तहत पहले गंभीर अपराधियों को देश से बाहर किया जा रहा है।
गौरतलब है कि कुछ गिरफ्तारियां ऐसे स्थानों पर हुईं, जो पहले से ही सुधार गृह या जेल परिसरों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
DHS के बयान में कहा गया,
“आईसीई और DHS के अधिकारी राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशों के तहत अवैध रूप से रह रहे सबसे ख़तरनाक अपराधियों को चिन्हित कर अमेरिका से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं।”
अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाइयों में और तेजी लाई जा सकती है।