वॉशिंगटन।
अमेरिका में एक बार फिर आंशिक सरकारी शटडाउन का खतरा गहराता दिख रहा है। मिनेसोटा राज्य में आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) से जुड़े एक फेडरल एजेंट द्वारा कथित गोलीबारी की घटना के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) की फंडिंग का विरोध करने का फैसला किया है। इससे राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है।
डेमोक्रेट्स का कहना है कि जब तक डीएचएस के तहत काम कर रही एजेंसियों, खासकर आईसीई, के कामकाज में सुधार नहीं किए जाते, तब तक वे फंडिंग बिल के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे। मौजूदा हालात में यदि समय रहते समझौता नहीं हुआ तो सप्ताह के अंत तक अमेरिका में आंशिक शटडाउन संभव है।
मिनेसोटा में हाल ही में हुई गोलीबारी में 37 वर्षीय आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेट्टी की मौत हो गई थी। आरोप है कि फायरिंग करने वाला व्यक्ति आईसीई से जुड़ा एक फेडरल एजेंट था। इस घटना के बाद डेमोक्रेटिक नेताओं ने फेडरल एजेंसियों की जवाबदेही और निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं।
सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता Chuck Schumer ने कहा कि मिनेसोटा की घटना बेहद शर्मनाक है और जब तक डीएचएस फंडिंग बिल में आईसीई से जुड़े ठोस सुधार शामिल नहीं किए जाते, उनकी पार्टी इसका समर्थन नहीं करेगी।
सीनेटर Patty Murray, जो पहले इस बिल के समर्थन में थीं, उन्होंने भी अपना रुख बदलते हुए कहा कि ऐसे हालात में फंडिंग को मंजूरी देना संभव नहीं है। उनके अनुसार, यदि फेडरल एजेंटों की कार्रवाई पर कोई जवाबदेही नहीं तय होती, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
डेमोक्रेटिक पार्टी का आरोप है कि आईसीई एजेंट बिना वारंट गिरफ्तारियां कर रहे हैं, कई मामलों में उचित प्रशिक्षण का अभाव है और एजेंट अपनी पहचान स्पष्ट नहीं करते। इसके अलावा बॉर्डर पेट्रोल को सीमा क्षेत्रों के बजाय शहरों में छापेमारी के लिए भेजे जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि डीएचएस फंडिंग बिल में निम्नलिखित बदलाव शामिल किए जाएं:
गिरफ्तारी के लिए वारंट को अनिवार्य किया जाए
आईसीई एजेंटों के प्रशिक्षण को मजबूत किया जाए
एजेंटों की पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट हो
बॉर्डर पेट्रोल को सीमावर्ती इलाकों तक सीमित रखा जाए
बर्फीले तूफान के कारण अमेरिकी सीनेट की कार्यवाही कुछ दिनों के लिए स्थगित है। यदि फंडिंग बिल में संशोधन किया जाता है, तो उसे प्रतिनिधि सभा में दोबारा पेश करना होगा। ऐसे में समय कम और राजनीतिक तनाव अधिक होने से शटडाउन का खतरा बढ़ता जा रहा है।