30,000 करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्ति वाले सोना ग्रुप के भीतर चल रहे पारिवारिक विवाद ने आज एक नया मोड़ ले लिया, जब प्रमुख कंपनी सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स लिमिटेड ने कहा कि रानी कपूर, पूर्व चेयरमैन संजय कपूर की माँ, अब कंपनी की शेयरधारक नहीं हैं — और वह 2019 से ही शेयरधारक नहीं हैं।
इससे कुछ ही घंटे पहले रानी कपूर ने बोर्ड को एक पत्र लिखकर खुद को कंपनी की बहुसंख्यक शेयरधारक बताते हुए आज होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) को स्थगित करने की माँग की थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया और उन्होंने "कुछ लोगों (जैसे कि उनकी बहू प्रिया सचदेव कपूर)" की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए, जो उनके अनुसार परिवार की ओर से बोलने का दावा कर रही हैं।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि मई 2019 में प्राप्त एक "महत्वपूर्ण लाभकारी स्वामित्व की घोषणा" में संजय कपूर को कंपनी का एकमात्र लाभकारी मालिक बताया गया था।
कंपनी के मुताबिक, उसी समय से रानी कपूर शेयरधारक नहीं रही हैं।
जहाँ तक प्रिया सचदेव कपूर की नियुक्ति की बात है, कंपनी ने कहा कि उन्हें गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में कानूनी तरीके से प्रस्तावित और अनुमोदित किया गया है।
रानी कपूर के उस आरोप पर कि उन्हें दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए "बंद कमरों में मजबूर किया गया", कंपनी ने स्पष्ट किया कि संजय कपूर की मृत्यु के बाद से उनसे कोई दस्तावेज नहीं लिए गए।
इस विवाद की चिंगारी तब लगी जब गुरुवार देर रात रानी कपूर ने एक ईमेल भेजकर AGM को टालने की मांग की। कंपनी ने कहा कि उन्होंने "आदरवश" कानूनी सलाह ली, लेकिन यह स्पष्ट किया कि रानी कपूर के शेयरधारक न होने के कारण AGM को टालना संभव नहीं था।
अपने पत्र में रानी कपूर ने आरोप लगाया कि "कुछ लोग उनकी गैरमौजूदगी और दुःख का फायदा उठाकर उनके परिवार की विरासत पर कब्जा करना चाहते हैं।"
AGM के एजेंडे में एक प्रस्ताव था — “परिवार का प्रतिनिधि बनाकर कुछ निदेशकों की नियुक्ति” — जिसे लेकर रानी कपूर ने विरोध जताया।
अपने विस्तृत पत्र में उन्होंने लिखा:
"मैंने किसी भी व्यक्ति को बोर्ड में मेरी ओर से नामित नहीं किया है, न ही मैंने किसी को मेरे प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने की अनुमति दी है।"
उन्होंने कहा कि "विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी में गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे वह बहुत व्यथित हैं।"
पत्र के अंत में उन्होंने चेतावनी दी:
"मैं इस समय इन अनियमितताओं पर ज्यादा नहीं बोलूंगी, लेकिन स्पष्ट करती हूं कि मेरी अनुमति के बिना कोई निर्णय न लिया जाए।"
गौरतलब है कि संजय कपूर, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के एक प्रसिद्ध उद्योगपति थे। उनकी पहली शादी बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर से हुई थी, जिनसे उनका 2016 में तलाक हुआ। इसके बाद उन्होंने 2017 में मॉडल प्रिया सचदेव से विवाह किया।
अब उनकी मृत्यु के बाद परिवार में संपत्ति और कंपनी नियंत्रण को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया है।