नोएडा | 30 जुलाई 2025:
नोएडा के सेक्टर-126 स्थित एक निजी समाचार चैनल के स्टूडियो में मंगलवार को उस वक्त हंगामा मच गया, जब समाजवादी पार्टी (सपा) से जुड़े नेता कुलदीप भाटी ने डिबेट के दौरान मौलाना साजिद रशीदी को थप्पड़ जड़ दिया। घटना मौलाना द्वारा सपा सांसद डिंपल यादव को लेकर की गई आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणी के बाद घटी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कौन हैं कुलदीप भाटी?
मौलाना को थप्पड़ मारने वाले कुलदीप भाटी, समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव हैं। डिबेट खत्म होने के बाद वे अपने साथियों के साथ मौलाना के पास पहुंचे और विरोध दर्ज कराते हुए उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी फैल गई। कुलदीप भाटी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा,
"भारत की सबसे बड़ी पंचायत में बैठने वाली डिंपल यादव के खिलाफ मौलाना ने अभद्र टिप्पणी की थी। डिबेट के दौरान भी उन्होंने अपनी हरकत नहीं रोकी। ऐसे लोगों का इलाज ज़रूरी है और आज वो कर दिया गया।"
क्या थी विवादित टिप्पणी?
मौलाना साजिद रशीदी ने एक टीवी बहस में कहा था कि डिंपल यादव ने मस्जिद में बिना सिर ढके बैठक की, जो इस्लामी मर्यादाओं के खिलाफ है। उनके इस बयान को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में गुस्सा भड़क उठा।
पहले से दर्ज हैं मामले
लखनऊ के विभूतिखंड थाने में मौलाना के खिलाफ पहले से ही मामला दर्ज है। सपा नेता प्रवेश यादव की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 79, 196, 197, 299, 352, 353 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज किया गया है।
पसमांदा मुस्लिम समाज की तीखी प्रतिक्रिया
इस मामले में पसमांदा मुस्लिम समाज ने भी कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने लखनऊ के लालबाग स्थित कार्यालय पर प्रेस वार्ता कर मौलाना की निंदा की। उन्होंने कहा:
"साजिद रशीदी की टिप्पणी केवल नारी-विरोधी ही नहीं, बल्कि इस्लामी मूल्यों का खुला अपमान है। वह मजहब की आड़ में सियासी दलाली कर रहे हैं। उनका सामाजिक बहिष्कार जरूरी है।"
राजनीति में बढ़ी तल्खी
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में गर्मी बढ़ा दी है। जहां भाजपा इस टिप्पणी को लेकर सपा पर हमलावर है, वहीं सपा ने इसे भाजपा की साजिश बताया। डिंपल यादव ने बयान देते हुए कहा कि बीजेपी को मणिपुर जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी उतना ही जोर देना चाहिए, जितना वो इस विवाद को तूल दे रही है।
पुलिस कर रही है जांच
नोएडा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों पक्षों की तरफ से बयान लिए जा रहे हैं। मौलाना साजिद रशीदी अपने बयान पर कायम हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उनके खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है।