अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक सतर्कता, भारत समेत कई देशों ने जारी की एडवाइजरी

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक सतर्कता, भारत समेत कई देशों ने जारी की एडवाइजरी

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। संभावित सैन्य टकराव की आशंकाओं के बीच भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों और दूतावास कर्मचारियों के परिवारों के लिए यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की है। मिडिल ईस्ट क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया है। हालात को देखते हुए विभिन्न राष्ट्र अपने नागरिकों को संवेदनशील क्षेत्रों से बाहर निकलने या अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दे रहे हैं।

सैन्य मौजूदगी में इजाफा

डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने क्षेत्र में अतिरिक्त नौसैनिक और वायु संसाधनों की तैनाती की पुष्टि की है। इसे संभावित खतरे के मद्देनज़र एहतियाती कदम माना जा रहा है।

ओमान की मध्यस्थता जारी

इस बीच, ओमान दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ओमान सरकार ने संकेत दिया है कि वार्ता में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है, हालांकि अंतिम समझौते तक पहुंचने में अभी समय लग सकता है।

भारत समेत कई देशों की एडवाइजरी

भारत ने अपने नागरिकों को ईरान और इजरायल की यात्रा टालने तथा वहां मौजूद भारतीयों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इसी प्रकार ब्रिटेन और चीन ने भी अपने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी है। कुछ देशों ने दूतावास कर्मचारियों के परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

वैश्विक बाजारों पर असर

अमेरिका-ईरान तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है, जबकि शेयर बाजारों में निवेशकों की चिंता बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों पर असर पड़ सकता है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय कूटनीतिक समाधान की उम्मीद लगाए हुए है। आने वाले दिनों में वार्ता की दिशा और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।