ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (NSW) राज्य में जुए से होने वाले नुकसान ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (Q3) के केवल 92 दिनों में राज्य के लोगों ने पोकर मशीनों पर 2.45 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गंवा दिए। यह अब तक की सबसे बड़ी तिमाही हानि है।
यह जानकारी Liquor and Gaming NSW (L&GNSW) की ताज़ा रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट बताती है कि एक ही तिमाही में गेमिंग मशीनों से होने वाले मुनाफ़े में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले एक साल में यह वृद्धि लगभग 9 प्रतिशत रही।
आंकड़ों से यह भी साफ़ है कि जुए का सबसे गहरा असर उन इलाकों पर पड़ रहा है, जो पहले से ही आर्थिक तंगी, सामाजिक पिछड़ेपन और आवास संकट से जूझ रहे हैं। पश्चिमी सिडनी के कई स्थानीय प्रशासनिक क्षेत्रों (LGAs) में नुकसान असमान रूप से अधिक दर्ज किया गया।
Q3 2025 में महानगरीय क्षेत्रों में सबसे ज़्यादा नुकसान:
कैंटरबरी-बैंकस्टाउन: 202.7 मिलियन डॉलर
फेयरफील्ड: 187.7 मिलियन डॉलर
कंबरलैंड: 140.4 मिलियन डॉलर
ब्लैकटाउन: 110.5 मिलियन डॉलर
सिडनी (शहर क्षेत्र): 109.3 मिलियन डॉलर
ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब NSW सरकार ने हाल ही में उन छूटों को रद्द किया है, जिनके तहत कई क्लब और पब पोकर मशीनों को सुबह 4 बजे के बाद भी चला सकते थे। नवंबर 2025 में सरकार ने लगभग 670 से अधिक स्थानों को दी गई 20 साल पुरानी छूट को समाप्त कर दिया।
L&GNSW के प्रवक्ता ने कहा,
“सरकार का ध्यान जुए की लत से होने वाले नुकसान को कम करने पर है, जो न सिर्फ़ प्रभावित व्यक्ति बल्कि उनके परिवारों पर भी गंभीर असर डालता है।”
हालांकि, सामाजिक और धार्मिक संगठनों का मानना है कि सरकार के ये कदम नाकाफ़ी हैं। वेस्ली मिशन के प्रमुख रेवरेन्ड स्टू कैमरन ने कहा कि जुए से होने वाला नुकसान हर तिमाही नया रिकॉर्ड बना रहा है।
उनका कहना है,
“सबूत साफ़ हैं। पोकर मशीनों को ज़्यादा समय तक बंद रखने से ज़िंदगियाँ बचती हैं, परिवार सुरक्षित रहते हैं और सामाजिक नुकसान कम होता है। अब आधे-अधूरे कदम नहीं, बल्कि साहसिक राजनीतिक फ़ैसलों की ज़रूरत है।”
रिपोर्ट के अनुसार, NSW में होटलों और क्लबों में लगी इलेक्ट्रॉनिक गेमिंग मशीनों की संख्या भी बढ़ रही है। Q3 2024 से Q3 2025 के बीच इनकी संख्या 207 बढ़कर 87,839 हो गई।
सरकार का कहना है कि समस्या मशीनों की संख्या नहीं, बल्कि खेलने की तीव्रता है। प्रवक्ता के अनुसार,
“कुछ इलाकों में कम मशीनों के बावजूद ज़्यादा खर्च देखा गया है, जिससे पता चलता है कि असली मुद्दा खेल की आदत और लत है।”
सामाजिक कार्यकर्ताओं का तर्क है कि जुए से होने वाला सामाजिक और आर्थिक नुकसान, सरकार को मिलने वाले कर राजस्व से कहीं ज़्यादा है। उनका कहना है कि अगर सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए, तो इसका सबसे बड़ा ख़ामियाज़ा वही लोग भुगतेंगे जो पहले से ही सबसे कमज़ोर स्थिति में हैं।