सिडनी | 23 जून 2025
ऑस्ट्रेलिया में किराए पर रहने वाले लाखों लोगों के लिए जिंदगी किसी चुनौती से कम नहीं है। ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि देश के एक बड़े हिस्से के किरायेदार गंदगी, फफूंदी, कीड़ों और मकान मालिकों के डर में जी रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियन काउंसिल ऑफ सोशल सर्विस (ACOSS) और न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय (UNSW) के संयुक्त सर्वेक्षण में बताया गया है कि हर पांच में से एक किराएदार के बाथरूम में फफूंदी (मोल्ड) है, जबकि 33% किरायेदारों को घर में कॉकरोच या चींटियों की समस्या झेलनी पड़ रही है। यही नहीं, 25% घरों में लीकेज या बाढ़ जैसी स्थिति, और 18% में बाथरूम की दीवारों पर सीलन पाई गई।
लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 70% किरायेदार मरम्मत की मांग करने से डरते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे किराया बढ़ जाएगा या उन्हें घर से निकाल दिया जाएगा। 56% किरायेदारों को डर है कि शिकायत करने पर मकान मालिक उन्हें निकाल देगा।
ACOSS की CEO कैसेंड्रा गोल्डी ने कहा, "यह स्थिति पूरी तरह अस्वीकार्य है कि लोग जरूरी मरम्मत के लिए भी मांग नहीं कर पा रहे, क्योंकि उन्हें किराया बढ़ने या बेदखली का डर है। यह दर्शाता है कि हमारी आवास व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी है।"
रिपोर्ट के अनुसार, 73% किरायेदारों का बीते वर्ष में किराया बढ़ा है, जबकि एक-तिहाई लोगों ने कहा कि यदि किराया सिर्फ 5% भी और बढ़ता है, तो उनके लिए भुगतान करना मुश्किल हो जाएगा।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ रेंटर्स ऑर्गनाइजेशन के प्रवक्ता लियो पैटरसन रॉस ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया में कानून तो हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा। कमजोर निगरानी और मकान मालिकों के बेलगाम रवैये ने किरायेदारों को असुरक्षित बना दिया है।"
इस सर्वे में देश भर के 1019 निजी किरायेदारों से बातचीत की गई, जिसमें अधिकांश ने किराया, मकान की स्थिति और भय के माहौल को लेकर गंभीर समस्याएं बताईं।
यह रिपोर्ट ऑस्ट्रेलिया में एक बड़े आवास संकट की ओर इशारा करती है, जहां आम आदमी के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और स्थायी घर एक सपना बनता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस संकट को हल करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।