मैनचेस्टर – इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के चौथे मुकाबले के आखिरी दिन रवींद्र जडेजा ने वह कारनामा कर दिखाया जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। नंबर-6 पर बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड में दो शतक लगाने वाले वह पहले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं। मैनचेस्टर में उनकी नाबाद 107 रन की पारी ने न सिर्फ भारत को संभावित हार से बचाया, बल्कि एक ऐतिहासिक ड्रॉ को जन्म दिया जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।
जब भारत का स्कोर संकट की कगार पर था, तब जडेजा ने वॉशिंगटन सुंदर के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए हुई नाबाद 203* रन की साझेदारी ने न सिर्फ मैच की दिशा बदली, बल्कि यह साझेदारी भारतीय टेस्ट इतिहास में संकट के समय आई सबसे महत्वपूर्ण जोड़ियों में से एक बन गई। जडेजा ने नाबाद 107 रन बनाए, वहीं सुंदर ने 149 गेंदों पर संयमित 81 रन जोड़े।
इस सीरीज के चार टेस्ट मैचों के बाद रवींद्र जडेजा अब तक टीम इंडिया के सबसे सफल बल्लेबाज़ साबित हुए हैं। 113.50 के शानदार औसत से उन्होंने 454 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। खास बात यह रही कि उनकी 8 पारियों में से 4 में वह नॉटआउट रहे। इस प्रदर्शन ने उन्हें कप्तान शुभमन गिल (90.25 औसत) से भी आगे कर दिया है।
भारत ने 1932 में जब इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत की थी, तब से लेकर अब तक किसी भी भारतीय बल्लेबाज ने नंबर-6 पर दो शतक नहीं लगाए थे। जडेजा ने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया है। अब ओवल में होने वाले अंतिम टेस्ट में उनके पास एक और शतक लगाने का मौका होगा, जिससे वह इंग्लैंड की धरती पर नंबर-6 पर सबसे अधिक शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन सकते हैं।