नई दिल्ली:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का आर्थिक समूह इस बार 19 और 20 अगस्त को राजधानी दिल्ली में अपनी वार्षिक बैठक करेगा। यह बैठक ऐसे समय आयोजित हो रही है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता, अमेरिका द्वारा टैरिफ में बढ़ोतरी और घरेलू उद्योगों पर इसके प्रभाव जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
जानकारी के मुताबिक, बैठक में आरएसएस से जुड़े कई संगठन हिस्सा लेंगे। इनमें स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय मजदूर संघ, लघु उद्योग भारती और भारतीय किसान संघ प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन संगठनों का मानना है कि मौजूदा समय में स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने और किसानों व मजदूरों की समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस नीति सुझाव जरूरी हैं।
बैठक की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी इसी दौरान दिल्ली में मौजूद रहेंगे। साथ ही, शिक्षा, सामाजिक, जागरण और पर्यावरण समूह जैसी शाखाओं की भी बैठकें होंगी, जिनसे संघ नेतृत्व को जमीनी फीडबैक मिलेगा।
पिछली कई बैठकों में केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के मंत्री भी शामिल होते रहे हैं। इस बार भी कुछ मंत्रियों की मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यह बैठक सरकार और संघ के बीच सीधे संवाद का मंच बन सकती है। यहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों और योजनाओं की समीक्षा होगी और आगामी नीतिगत सुझाव तैयार किए जा सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर बदलते व्यापार समीकरणों के बीच भारत की आर्थिक रणनीति पर विमर्श
अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के असर और उसका समाधान
स्वदेशी उद्योगों और लघु उद्यमों को संरक्षण देने की दिशा में सुझाव
किसानों और मजदूरों की मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा