लंदन | 6 अगस्त, 2025: ब्रिटेन के प्रिंस हैरी को अपनी एक प्रमुख चैरिटी संस्था 'सेंटेबाले' से पूरी तरह अलग होना पड़ा है, जिससे वह बेहद आहत और "टूटे दिल" के साथ विदा ले रहे हैं। यह संस्था उन्होंने वर्ष 2006 में अपनी मां, राजकुमारी डायना की स्मृति में अफ्रीका में एचआईवी और एड्स से पीड़ित युवाओं की मदद के लिए शुरू की थी।
ब्रिटेन के चैरिटी आयोग की एक कड़ी रिपोर्ट के बाद यह कदम उठाया गया, जिसमें संस्था के भीतर हुए आंतरिक विवादों को उसके मिशन के लिए हानिकारक बताया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि संस्थापक होने के बावजूद, प्रिंस हैरी संस्था की छवि को बचाने में असफल रहे।
प्रिंस हैरी और उनके सह-संस्थापक, लेसोथो के प्रिंस सीसो, पहले ही इस वर्ष की शुरुआत में संस्था के ट्रस्टी बोर्ड से इस्तीफा दे चुके थे। यह इस्तीफा डॉ. सोफी चंडाउका नामक ट्रस्टी चेयर के साथ विवादों के चलते दिया गया था। डॉ. चंडाउका ने संस्था के संचालन में कई बदलाव किए, जिनमें फंडरेज़िंग की गतिविधियों को अफ्रीका स्थानांतरित करना भी शामिल था।
सूत्रों के अनुसार, हैरी को यह निर्णय एक "शत्रुतापूर्ण अधिग्रहण" जैसा लगा, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हैं। उन्होंने यह भी महसूस किया कि उनके नाम और छवि को लेकर संस्था में नकारात्मकता फैलाई जा रही है, जो उनके अमेरिका जाने के बाद और बढ़ गई।
चैरिटी आयोग की जांच में किसी तरह की 'व्यवस्थित बदसलूकी' या उत्पीड़न का प्रमाण नहीं मिला, लेकिन यह माना गया कि संस्था के भीतर कुछ लोगों को 'अनुचित व्यवहार' महसूस हुआ। आयोग के प्रमुख डेविड होल्ड्सवर्थ ने चेताया कि सार्वजनिक रूप से हुए इन विवादों ने संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
हालांकि, डॉ. चंडाउका ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि संस्था आज भी अपने संस्थापकों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और "समस्याओं के बावजूद अब पहले से ज्यादा मजबूत और केंद्रित" है।
प्रिंस हैरी के प्रवक्ता ने कहा, "सेंटेबाले को एक विचार से एक प्रभावशाली संस्था में बदलने में प्रिंस हैरी और प्रिंस सीसो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब संस्था से अलग होने के बावजूद, ड्यूक ऑफ ससेक्स अफ्रीका के बच्चों की मदद के लिए नए रास्ते तलाशते रहेंगे।"