सिटी ऑफ सिडनी काउंसिल के फैसले ने शहर में एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें नए डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में गैस कनेक्शन पर प्रतिबंध लगाने या सभी अप्लायंसेज को इलेक्ट्रिक बनाने की अनिवार्यता को लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री क्रिस मिन्स ने इस निर्णय को “ओवरस्टेप” यानी काउंसिल की सीमा से बाहर जाकर लिया गया फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियां राज्य सरकार के स्तर पर तय होनी चाहिए, न कि स्थानीय काउंसिल द्वारा।
हालांकि, बिल्डिंग डेवेलपर्स और उपभोक्ता समूहों ने इस कदम को स्मार्ट और भविष्य की जरूरत बताया है। उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग न सिर्फ पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को ऊर्जा लागत में भी राहत देगा।
डेवेलपर्स के अनुसार, नए अपार्टमेंट्स में गैस कनेक्शन की आवश्यकता लगातार घट रही है, और यह निर्णय उनके लिए ‘नो-ब्रेनर’ यानी एक सीधा और व्यावहारिक कदम है।
सिटी ऑफ सिडनी की मेयर क्लोवर मूर ने कहा कि यह निर्णय जलवायु परिवर्तन से लड़ने की दिशा में उठाया गया अहम कदम है और इससे शहर को 2035 तक कार्बन-न्यूट्रल बनाने के लक्ष्य में मदद मिलेगी।
इस मुद्दे पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है, लेकिन ज्यादातर पर्यावरणविदों और युवा परिवारों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
अब देखना यह है कि क्या राज्य सरकार इस पर कोई कार्रवाई करती है या फिर स्थानीय स्तर पर यह नीति लागू रहेगी।