लखनऊ, 19 फरवरी।
राजधानी लखनऊ में बुधवार को सियासी सरगर्मियां उस समय तेज हो गईं, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से मुलाकात के बाद प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak से अलग-अलग भेंट की।
हालांकि इन बैठकों को शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बदलाव की चर्चाओं के बीच इन मुलाकातों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
संघ प्रमुख दो दिवसीय प्रवास पर लखनऊ पहुंचे थे। बुधवार रात करीब आठ बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराला नगर स्थित संघ कार्यालय परिसर में सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। बंद कमरे में दोनों के बीच लगभग 35 मिनट तक बातचीत हुई।
सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात पूरी तरह गोपनीय रही और इसमें प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों सहित आगामी रणनीति पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री से भेंट के बाद संघ प्रमुख ने गुरुवार सुबह दोनों उपमुख्यमंत्रियों से लगभग 10-10 मिनट की अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों को औपचारिक बताया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रदेश की राजनीति में इस समय कई तरह की अटकलें चल रही हैं—चाहे वह मंत्रिमंडल विस्तार हो या संगठन में फेरबदल। ऐसे समय में संघ प्रमुख की सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संघ नेतृत्व का उत्तर प्रदेश पर बढ़ता ध्यान 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जुड़ा हो सकता है। पिछले कुछ समय से संघ प्रमुख का यूपी दौरा लगातार बढ़ा है और हर दौरे में मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात हुई है।
सूत्रों के अनुसार, संघ परिवार 2027 की रणनीति को लेकर अभी से सक्रिय हो गया है। ऐसे में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करने के संकेत भी इन बैठकों से मिल रहे हैं।
हालांकि आधिकारिक तौर पर इन मुलाकातों को महज शिष्टाचार बताया जा रहा है, लेकिन प्रदेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इन बैठकों को अहम माना जा रहा है।
आने वाले दिनों में यदि सरकार या संगठन स्तर पर कोई बड़ा निर्णय होता है, तो इन मुलाकातों को उसके संदर्भ में देखा जा सकता है। फिलहाल, लखनऊ की राजनीति में इन बैठकों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।