ऑस्ट्रेलिया की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बवाल मच गया है। वन नेशन पार्टी की नेता पॉलिन हैनसन ने "नेट ज़ीरो" के लक्ष्य के खिलाफ सख्त मोर्चा खोलते हुए संसद में एक आपात प्रस्ताव (urgency motion) लाने का ऐलान किया है। उनका साफ कहना है कि अब समय आ गया है कि सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करें।
पॉलिन हैनसन ने चेतावनी दी है कि यदि कोएलिशन (Coalition) के कोई भी सीनेटर इस वोटिंग में हिस्सा नहीं लेते या इससे बचते हैं, तो उन्हें “कायर” (coward) कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “देश के हितों के मामले में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अगर किसी में हिम्मत नहीं है खुलकर स्टैंड लेने की, तो वह इस देश की सेवा करने लायक नहीं।”
हैनसन का मानना है कि नेट ज़ीरो की नीति ने ऑस्ट्रेलिया की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना है कि ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में इसका सीधा असर पड़ा है और आम जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
इस कदम को राजनीतिक जानकार एक बड़ी रणनीतिक चाल मान रहे हैं, जिससे कोएलिशन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे साफ-साफ बताएं कि क्या वे नेट ज़ीरो के समर्थन में हैं या नहीं।
इस बहस ने एक बार फिर देश में जलवायु नीति और ऊर्जा भविष्य को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है। अब देखना यह होगा कि पॉलिन हैनसन के इस खुले चैलेंज पर कोएलिशन कैसे प्रतिक्रिया देता है – क्या वे साथ खड़े होंगे या चुप रहेंगे?