लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला लगभग तय कर लिया है। सात बार के विधायक और वरिष्ठ नेता पंकज चौधरी को प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया जाना लगभग तय माना जा रहा है। इसकी औपचारिक घोषणा रविवार को की जाएगी। वर्ष 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद पंकज चौधरी भाजपा के 16वें प्रदेश अध्यक्ष होंगे।
पार्टी संगठन में लंबे अनुभव और मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते पंकज चौधरी का नाम शीर्ष पर रहा। वे सात बार विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। उनके अध्यक्ष बनने के साथ ही भाजपा के संगठनात्मक इतिहास में एक और अध्याय जुड़ जाएगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद का इतिहास राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा है। अब तक दो ऐसे नेता रहे हैं, जिन्हें प्रदेश अध्यक्ष रहने के बाद मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला।
कल्याण सिंह, जो 1984 से 1990 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे, दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय वे मुख्यमंत्री पद पर थे।
राजनाथ सिंह, जो 1997 से 2000 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे, वर्ष 2000 से 2002 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
यदि जातिगत दृष्टिकोण से देखा जाए तो भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर सबसे अधिक बार ब्राह्मण समाज को प्रतिनिधित्व दिया है। पार्टी के इतिहास में अब तक छह ब्राह्मण चेहरों को प्रदेश की कमान सौंपी गई है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी पार्टी के पहले प्रदेश अध्यक्ष बने (1980–1984)
कलराज मिश्र दो बार अध्यक्ष रहे और सबसे लंबा कार्यकाल निभाया
केशरीनाथ त्रिपाठी, रमापति राम त्रिपाठी और महेंद्र नाथ पांडेय भी इस पद पर रह चुके हैं
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर अब तक कुल 16 नेता रह चुके हैं, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
माधव प्रसाद त्रिपाठी (1980–1984)
कल्याण सिंह (1984–1990)
राजेंद्र कुमार गुप्ता (1990–1991)
कलराज मिश्र (1991–1997, 2000–2002)
राजनाथ सिंह (1997–2000)
ओमप्रकाश सिंह (2000)
विनय कटियार (2002–2004)
केशरीनाथ त्रिपाठी (2004–2007)
रमापति राम त्रिपाठी (2007–2010)
सूर्य प्रताप शाही (2010–2012)
लक्ष्मीकांत वाजपेयी (2012–2016)
केशव प्रसाद मौर्य (2016–2017)
महेंद्र नाथ पांडेय (2017–2019)
स्वतंत्र देव सिंह (2019–2022)
चौधरी भूपेंद्र सिंह (2022–अब तक)
पंकज चौधरी का राजनीतिक जीवन चार दशकों से अधिक पुराना है। उन्होंने जमीनी राजनीति से लेकर संसद और केंद्र सरकार तक का लंबा सफर तय किया है।
1989–91: नगर निगम सदस्य, गोरखपुर
1990–91: उप महापौर, गोरखपुर
1991: पहली बार लोकसभा सांसद चुने गए
1998, 2004, 2014, 2019 और 2024 में लोकसभा के लिए निर्वाचित
2021 से लगातार केंद्र सरकार में मंत्री
पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने से संगठन को नए सिरे से मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है। आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए भाजपा नेतृत्व संगठनात्मक संतुलन और अनुभव को प्राथमिकता दे रहा है।
रविवार को होने वाली औपचारिक घोषणा के साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा को नया नेतृत्व मिल जाएगा, जिस पर आगामी राजनीतिक दिशा तय करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।