पीएम राहत योजना: सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार

पीएम राहत योजना: सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार

नई दिल्ली, 15 फरवरी। केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘पीएम राहत योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ‘गोल्डन आवर’ के दौरान उपचार सुनिश्चित कर हजारों जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, भारत में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि इस अवधि में घायल को अस्पताल पहुंचाकर उचित उपचार मिल जाए तो लगभग 50 प्रतिशत तक मौतों को रोका जा सकता है।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस नई योजना को लागू किया है। योजना के तहत देशभर के चयनित अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का उपचार बिना किसी अग्रिम भुगतान के उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। यह सेवा दुर्घटना की सूचना मिलने पर एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इस योजना को मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर जटिलताओं को कम करना तथा पीड़ितों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया, तो यह सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और लाखों परिवारों को संकट की घड़ी में संबल प्रदान करेगी।