भारत-फिनलैंड रिश्तों में नई मजबूती, पीएम मोदी और राष्ट्रपति स्टब की बातचीत

भारत-फिनलैंड रिश्तों में नई मजबूती, पीएम मोदी और राष्ट्रपति स्टब की बातचीत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के बीच बुधवार को टेलीफोन पर अहम बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नए स्तर तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध, वैश्विक शांति प्रयासों और व्यापारिक सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

यूक्रेन संकट पर भारत का रुख

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा से यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान और जल्द से जल्द शांति बहाली का समर्थक रहा है। राष्ट्रपति स्टब ने भी इस मुद्दे पर भारत की भूमिका को सराहा और कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) चाहता है कि भारत और ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) जल्द संपन्न हो।

व्यापार और तकनीकी सहयोग पर सहमति

दोनों नेताओं ने भारत-फिनलैंड संबंधों की समीक्षा की और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की। खासतौर पर क्वांटम टेक्नोलॉजी, 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में मिलकर काम करने पर सहमति जताई गई।

एआई समिट को मिला समर्थन

फिनलैंड के राष्ट्रपति ने भारत में 2026 में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट का समर्थन किया और इसमें सक्रिय सहयोग का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर राष्ट्रपति स्टब को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।

सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी

बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि फिनलैंड भारत का अहम साझेदार है और दोनों देशों ने व्यापार, तकनीक और शांति जैसे मुद्दों पर सार्थक वार्ता की है। वहीं, राष्ट्रपति स्टब ने भी कहा कि भारत की आवाज दुनिया भर में सुनी जाती है और दोनों देशों के रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे।


👉 यह वार्ता इस ओर संकेत करती है कि आने वाले वर्षों में भारत और फिनलैंड के बीच तकनीकी, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग और गहराएगा।