प्रधानमंत्री मोदी ने घाना की संसद को किया संबोधित, कहा – हमारी दोस्ती आपके अनानास से भी मीठी

प्रधानमंत्री मोदी ने घाना की संसद को किया संबोधित, कहा – हमारी दोस्ती आपके अनानास से भी मीठी

अक्रा/नई दिल्ली, 3 जुलाई 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐतिहासिक रूप से घाना की संसद को संबोधित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने पश्चिम अफ्रीकी देश घाना की संसद में भाषण दिया। अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने घाना के संस्कृति, लोकतंत्र और फलदार परंपरा की सराहना से की और कहा, "हमारी दोस्ती घाना के मशहूर अनानास से भी मीठी है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भारत और घाना के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों देश उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण के कारण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी डॉ. क्वामे एनक्रूमा और महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं की विचारधारा ने दुनियाभर के देशों को आजादी की राह दिखाई।

अफ्रीका के साथ भारत के रिश्तों को बताया प्राथमिकता

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अफ्रीका भारत की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने भारत द्वारा अफ्रीकी देशों को दी गई शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और डिजिटल तकनीक में सहायता की चर्चा करते हुए कहा कि भारत, घाना सहित पूरे अफ्रीका के विकास में एक भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा।

उन्होंने बताया कि भारत ने घाना में 200 से अधिक विकास परियोजनाओं को समर्थन दिया है और आने वाले वर्षों में यह सहयोग और मजबूत होगा।

युवाओं और व्यापार पर विशेष जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने घाना के युवाओं को भारत आने और उच्च शिक्षा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारतीय स्टार्टअप मॉडल और डिजिटल इंडिया अभियान की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि घाना के युवा भी इससे प्रेरणा ले सकते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की इच्छा जताई और घाना में भारतीय निवेश को बढ़ावा देने की घोषणा की। उन्होंने दोनों देशों के बीच ऊर्जा, कृषि, फार्मास्युटिकल और आईटी सेक्टर में सहयोग की नई संभावनाओं का स्वागत किया।

अंत में बोले – अफ्रीका का सम्मान, भारत का सम्मान

अपने भाषण के समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अफ्रीका का सम्मान, भारत का सम्मान है। अफ्रीका का विकास, भारत का विकास है। हम मिलकर एक उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ेंगे, जहां समानता, समावेश और आत्मनिर्भरता के मूल्य हों।”

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा अफ्रीका में भारत की रणनीतिक भागीदारी को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। संसद में मौजूद सांसदों और मेहमानों ने उनके भाषण को खड़े होकर सराहा।