प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज इस सप्ताहांत अर्नहेम लैंड के दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित गरमा फेस्टिवल के दौरान एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा करेंगे। वह $31 मिलियन की एक नई योजना की घोषणा करने जा रहे हैं, जिसके तहत पूरे ऑस्ट्रेलिया में मोबाइल TAFE केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि आदिवासी समुदायों को उनके ही क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा सके।
इस पहल का उद्देश्य है कि Indigenous समुदायों को निर्माण, खनन, कृषि, बढ़ईगिरी, प्लंबिंग और सामुदायिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिल सके, ताकि उन्हें अपने गांवों को छोड़कर दूर जाकर पढ़ाई या काम की तलाश न करनी पड़े।
प्रधानमंत्री अल्बनीज शनिवार को अपने भाषण में कहेंगे:
“हम घरों के निर्माण और रख-रखाव के लिए बाहरी श्रमिकों पर निर्भर रहने के बजाय, स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित करेंगे। खनन, कृषि, निर्माण या केयर इकॉनमी में करियर की तैयारी के लिए लोगों को घर छोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी — हम कौशल और नौकरियों को उनकी ज़मीन तक लाएंगे। ये होगा – हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, ऑन कंट्री।”
यह योजना राज्य और क्षेत्रीय सरकारों के सहयोग से चलाई जाएगी। इसके तहत शिक्षक विशेष रूप से डिज़ाइन की गई गाड़ियों और ट्रेलरों के माध्यम से समुदायों तक जाएंगे और वहां प्रशिक्षण देंगे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री अल्बनीज $75 मिलियन की एक और योजना का भी ऐलान करेंगे, जो देश के संसाधन-वंचित नेटिव टाइटल होल्डर्स की सहायता के लिए होगी। इसका उद्देश्य उन्हें बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ जमीन उपयोग सौदों पर बातचीत में कानूनी और व्यावसायिक सहायता देना है, ताकि बेहतर सौदे हो सकें और समुदायों के लिए स्थायी आर्थिक विरासत सुनिश्चित की जा सके।
अल्बनीज का यह चौथा गरमा फेस्टिवल दौरा है, जो ऑस्ट्रेलिया के सबसे महत्वपूर्ण आदिवासी सांस्कृतिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस बार उनका संदेश साफ है:
“हमें ऐसी स्थिति खत्म करनी होगी जहां नेटिव टाइटल संगठन बिना पर्याप्त संसाधनों के, बड़ी कंपनियों से सौदेबाज़ी करने को मजबूर होते हैं। यह साझेदारी व्यावहारिक कार्यों की होगी, जो आर्थिक विकास, स्वामित्व और समानता लाएगी।”
इस घोषणा को सरकार की ‘वॉयस टू पार्लियामेंट’ पहल के बाद एक बड़े सामाजिक और आर्थिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जो देश के Indigenous समुदायों के साथ गहरे और स्थायी संबंध बनाने की दिशा में एक और कदम है।