दुनियाभर में अपने अनोखे रॉक संगीत और 'प्रिंस ऑफ डार्कनेस' के नाम से मशहूर ओज़ी ऑसबॉर्न को बुधवार को उनके गृह नगर बर्मिंघम में अंतिम विदाई दी गई। 76 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले इस दिग्गज संगीतकार की अंतिम यात्रा में हजारों प्रशंसक सड़कों पर उमड़ पड़े।
ओज़ी का पार्थिव शरीर एक काले रंग की लिमोज़िन में रखा गया था, जिसे बर्मिंघम की सड़कों से होते हुए ले जाया गया। उनके ताबूत को बैंगनी फूलों से सजाया गया था, जिनसे “Ozzy” लिखा गया था, और उसके ऊपर एक बैंगनी क्रॉस रखा गया था।
उनकी पत्नी शेरोन ऑसबॉर्न, जो लंबे समय तक उनकी प्रबंधक भी रहीं, इस मौके पर भावुक हो उठीं और बेटी केली के कंधे का सहारा लेते हुए उन्हें कई बार रोते हुए देखा गया। उनके बेटे जैक भी इस मौके पर परिवार के साथ मौजूद थे।
शहर के मेयर ज़फ़र इक़बाल ने कहा, “बर्मिंघम आज अपने सबसे महान सपूतों में से एक को श्रद्धांजलि दे रहा है। ओज़ी ने न सिर्फ़ हमारे शहर, बल्कि पूरी दुनिया में संगीत को एक नया आयाम दिया।”
प्रशंसकों ने “Ozzy, Ozzy, Ozzy” के नारों से सड़कों को गूंजा दिया और फूलों व पोस्टरों के साथ अपने चहेते रॉक स्टार को अंतिम विदाई दी।
ओज़ी की मौत की खबर के बाद सर एल्टन जॉन, नोएल गैलाघर और सर रॉड स्टुअर्ट जैसे दिग्गज कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
छह दशक तक संगीत की दुनिया पर राज करने वाले ओज़ी ऑसबॉर्न को उनकी आवाज़, बगावती अंदाज़ और स्टेज पर अद्वितीय प्रस्तुतियों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।