नई दिल्ली/अहमदाबाद:
अहमदाबाद में 12 जून को हुए भीषण विमान हादसे के महज चार दिन बाद एयर इंडिया के 112 पायलटों ने एक साथ मेडिकल अवकाश ले लिया था। यह खुलासा केंद्रीय नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के जरिए किया।
मंत्री मोहोल ने बताया कि 16 जून को 51 कमांडर और 61 फ्लाइट ऑफिसर्स ने बीमारी की छुट्टी के लिए आवेदन किया था। यह जानकारी सांसद गोविंद मकथप्पा करजोल के एक सवाल के जवाब में दी गई। करजोल ने यह जानना चाहा था कि क्या हादसे के बाद एयर इंडिया के पायलटों में किसी तरह का मानसिक तनाव या अस्वस्थता की लहर देखी गई थी।
बता दें कि 12 जून को एयर इंडिया का बोइंग 787-ड्रीमलाइनर विमान, अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद तकनीकी खराबी के चलते एयरपोर्ट की सीमा से करीब दो किलोमीटर दूर एक छात्रावास की इमारत से टकरा गया था। इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई, जिनमें 242 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। इसके अतिरिक्त, दुर्घटनास्थल पर मौजूद 19 लोगों की भी मौत हुई। केवल एक यात्री इस हादसे में चमत्कारिक रूप से जीवित बचा।
राज्य मंत्री मोहोल ने संसद में यह भी बताया कि डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) ने फरवरी 2023 में एक मेडिकल सर्कुलर जारी किया था, जिसमें एयरलाइनों को अपने चालक दल और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (ATCOs) के मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी और उसके लिए अलग से प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की सलाह दी गई थी। इसके तहत ऑपरेटरों को अपने कर्मचारियों के लिए सहायता कार्यक्रम (Assistance Program) शुरू करने का भी निर्देश दिया गया था।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एयर इंडिया को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से चार कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। ये नोटिस पायलट और केबिन क्रू की थकान, प्रशिक्षण मानकों में खामी, और सुरक्षा प्रक्रियाओं के उल्लंघन से जुड़े हैं। एयर इंडिया ने पुष्टि की है कि ये नोटिस उसके द्वारा दिए गए स्वैच्छिक खुलासों के आधार पर जारी किए गए हैं। एयरलाइन प्रवक्ता ने कहा कि "हम इन नोटिसों का जवाब देंगे और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।"
पिछले छह महीनों में एयर इंडिया को कुल 13 नोटिस मिले हैं। मंगलवार को हांगकांग से दिल्ली आ रहे एयरबस A321 विमान के सहायक पावर यूनिट (APU) में आग लग गई। इसी हफ्ते कोच्चि-मुंबई उड़ान के इंजन कवर में तकनीकी खराबी आई और दिल्ली-कोलकाता उड़ान को ऐन वक्त पर रद्द करना पड़ा। गुरुवार सुबह एक और घटना हुई जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस फ्लाइट ने टेकऑफ से पहले नेविगेशन स्क्रीन में गड़बड़ी के कारण उड़ान रद्द कर दी।
मुरलीधर मोहोल ने बताया कि वर्ष 2022 से 20 जुलाई 2025 तक देश में कुल 881 फर्जी बम धमकी के मामले सामने आए हैं। इनमें 2024 में सर्वाधिक 728 धमकियां दी गईं। अकेले कर्नाटक राज्य में इस अवधि में 94 फर्जी धमकियां एयरलाइनों को मिलीं। हालांकि, इन मामलों में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। हवाई सुरक्षा एजेंसी BCAS ने ऐसे मामलों से निपटने के लिए सख्त प्रक्रियाएं लागू की हैं, जो पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर क्रियान्वित की जाती हैं।