सिडनी।
न्यू साउथ वेल्स के पूर्व प्रीमियर Barry O’Farrell ने राज्य की स्वतंत्र भ्रष्टाचार निरोधक संस्था ICAC को लेकर अपनी ही पार्टी के नेताओं द्वारा दिए जा रहे बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने लिबरल पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि आईसीएसी को कमजोर करने की कोशिशें न केवल अनुचित हैं, बल्कि सार्वजनिक विश्वास को भी नुकसान पहुँचाती हैं।
गौरतलब है कि बैरी ओ’फैरेल को वर्ष 2014 में आईसीएसी की जांच के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत अनुभव या राजनीतिक असहजता के आधार पर किसी स्वतंत्र संस्था की वैधता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
पूर्व प्रीमियर ने कहा, “आईसीएसी जैसी संस्थाएं सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह बनाए रखने के लिए होती हैं। यदि हम इन पर ही हमले करने लगें, तो इससे यह संदेश जाएगा कि राजनीति खुद को कानून से ऊपर मानती है।”
ओ’फैरेल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब Liberal Party of Australia के कुछ नेता आईसीएसी की कार्यप्रणाली, उसकी जांच प्रक्रिया और अधिकारों को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा रहे हैं। पार्टी के भीतर यह तर्क दिया जा रहा है कि आयोग की जांच से निर्दोष लोगों की छवि को नुकसान पहुँचता है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ओ’फैरेल ने कहा कि किसी भी निगरानी संस्था की भूमिका स्वाभाविक रूप से असहज होती है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि उसे कमजोर कर दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक दल भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने वाली संस्थाओं को निशाना बनाते हैं, तो इससे जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कमज़ोर पड़ेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओ’फैरेल का यह बयान लिबरल पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और आईसीएसी को लेकर जारी बहस को और तेज कर सकता है। यह पहली बार नहीं है जब किसी पूर्व नेता ने व्यक्तिगत नुकसान के बावजूद भ्रष्टाचार विरोधी संस्था के समर्थन में खुलकर बात की हो।
ओ’फैरेल ने अंत में कहा कि आईसीएसी का अस्तित्व सत्ता में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए आवश्यक है और सभी राजनीतिक दलों को अल्पकालिक राजनीतिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।