सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सिडनी के एक प्रमुख अस्पताल में कैंसर की जांच के लिए मरीजों को 12 महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने इसे "अस्वीकार्य और असहनीय" स्थिति बताया है।
स्वास्थ्य विभाग की एक आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल की रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी सेवाओं पर अत्यधिक दबाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के निदान में भारी देरी हो रही है। कुछ मामलों में शुरुआती स्कैन के लिए ही मरीजों को आठ से बारह महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है।
मरीजों की जान जोखिम में:
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इतनी लंबी प्रतीक्षा अवधि के कारण कैंसर की बीमारी प्रारंभिक चरण से उन्नत चरण में पहुंच सकती है, जिससे इलाज की जटिलता और मृत्यु दर दोनों बढ़ती हैं।
एक स्थानीय चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमारे पास संसाधनों की भारी कमी है – न पर्याप्त स्टाफ है, न मशीनें। मरीजों को हम मजबूरी में प्रतीक्षा सूची में डालते जा रहे हैं, जो नैतिक रूप से भी गलत है।"
सरकार पर उठे सवाल:
इस मुद्दे पर विपक्ष ने न्यू साउथ वेल्स सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य बजट में कटौती और संसाधनों के असमान वितरण ने इस संकट को जन्म दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब में कहा कि सरकार स्थिति की गंभीरता को समझती है और पहले से ही अतिरिक्त मशीनें और स्टाफ तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा हालात “न प्रबंधनीय हैं, न स्वीकार्य।”
निष्कर्ष:
जहां एक ओर कैंसर जैसी बीमारी समय पर पहचान और इलाज की मांग करती है, वहीं सिडनी जैसे विकसित शहर में भी मरीजों को सालभर तक इंतजार करना पड़ रहा है, यह देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की जटिलता और खामियों को उजागर करता है। अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।