उत्तर कोरिया का परमाणु खतरा: वैश्विक तनाव चरम पर

उत्तर कोरिया का परमाणु खतरा: वैश्विक तनाव चरम पर

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने एक बार फिर दुनिया को परमाणु युद्ध की दहलीज़ पर खड़ा कर दिया है। इस हफ्ते नौसेना के नए युद्धपोत के निरीक्षण के दौरान किम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बदलते हालात "तेज़ और व्यापक परमाणुकरण" की मांग कर रहे हैं।


सैन्य अभ्यास से बढ़ा तनाव

किम की यह धमकी उस समय आई है जब कोरिया प्रायद्वीप पर 11 दिन का उल्ची फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास जारी है। इस संयुक्त अभ्यास में 21,000 सैनिक शामिल हैं, जिनमें से 18,000 दक्षिण कोरिया के हैं।
किम का दावा है कि यह अभ्यास उत्तर कोरिया पर आक्रमण की तैयारी जैसा है।


रूस से गठजोड़ और परमाणु तकनीक

उत्तर कोरिया न केवल अपने सैनिकों को रूस-यूक्रेन युद्ध में झोंक रहा है, बल्कि उसे रूस से परमाणु हथियार तकनीक, बैलिस्टिक मिसाइल विशेषज्ञता और सैन्य सहयोग भी मिल रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक, यह गठबंधन दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी खतरनाक बना रहा है।


नौसेना का नया विनाशकारी जहाज़

नानपो शिपयार्ड में किम ने अपने देश का पहला आधुनिक विध्वंसक जहाज़ "चोए ह्योन" देखा। 5,000 टन का यह जहाज़ वर्टिकल मिसाइल लॉन्च सिस्टम से लैस है, जो परमाणु वारहेड दागने में सक्षम है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि युद्धपोतों पर परमाणु मिसाइल रखना सैन्य दृष्टि से अव्यावहारिक है, क्योंकि ये हमले का आसान निशाना बन सकते हैं।


अमेरिका और दुनिया के लिए खतरा

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि फिलहाल उत्तर कोरिया के पास 10 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) हैं। आने वाले 10 वर्षों में यह संख्या 50 तक पहुँच सकती है।
विशेष रूप से हाल ही में परीक्षण किया गया ह्वासोंग-19 ठोस ईंधन वाला मिसाइल अमेरिका के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। इसे लॉन्च करना तेज़ और पकड़ना बेहद मुश्किल है।


"विनाशकारी थर्मोन्यूक्लियर युद्ध" की चेतावनी

किम जोंग-उन ने अमेरिका पर सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि उसकी नीतियां विश्व को एक "सबसे विनाशकारी थर्मोन्यूक्लियर युद्ध" की ओर धकेल रही हैं।
उत्तर अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने भी चेतावनी दी है कि यह मिसाइल तकनीक अब सीधे उत्तरी अमेरिका की सुरक्षा को चुनौती दे रही है।