न्यूयॉर्क टाइम्स के दफ्तर पर हमला: ग़ाज़ा के बच्चे की भ्रामक तस्वीर पर माफी के बाद विरोध

न्यूयॉर्क टाइम्स के दफ्तर पर हमला: ग़ाज़ा के बच्चे की भ्रामक तस्वीर पर माफी के बाद विरोध

न्यूयॉर्क: न्यूयॉर्क टाइम्स के मुख्यालय पर सोमवार देर रात कुछ प्रदर्शनकारियों ने लाल रंग से हमला कर दिया और दीवारों पर विरोधी नारे लिख दिए। यह घटना तब हुई जब प्रतिष्ठित अख़बार ने स्वीकार किया कि उसने ग़ाज़ा के एक कुपोषित बच्चे की भ्रामक तस्वीर प्रकाशित की थी।

समाचार संस्था द्वारा प्रकाशित उस तस्वीर को ग़ाज़ा में कथित भुखमरी का प्रतीक बताया गया था, लेकिन बाद में न्यूयॉर्क टाइम्स ने स्वीकार किया कि वह चित्र संदर्भ से काटकर पेश किया गया था और तथ्यात्मक रूप से अधूरा था। इस गलती को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध हुआ, जिसे कई लोगों ने "प्रोपेगेंडा" करार दिया।

प्रदर्शनकारियों ने अख़बार के दफ्तर की खिड़कियों पर लाल रंग फेंका और "Free Palestine" और "Stop Media Lies" जैसे नारे लिख दिए। इस कार्रवाई को लेकर न्यूयॉर्क पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की प्रवक्ता ने कहा, "हम अपने पत्रकारिता मानकों को बहुत गंभीरता से लेते हैं और यह घटना दुखद है। हम शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति का समर्थन करते हैं लेकिन संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं।"

विरोध प्रदर्शन का संबंध फिलिस्तीनी समर्थक समूहों से जोड़ा जा रहा है, जो ग़ाज़ा में मानवीय संकट को लेकर लगातार विरोध जता रहे हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मीडिया संस्थानों की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए, खासकर संवेदनशील वैश्विक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते समय।