पुणे, 14 अगस्त 2025 — कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में एक बड़ा मोड़ आ गया है। वीर सावरकर पर टिप्पणी को लेकर चल रहे इस मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से अदालत में एक आवेदन दाखिल किया गया था, जिसमें उनकी जान को खतरा होने का दावा किया गया था।
अब कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यह आवेदन राहुल गांधी की सहमति के बिना उनके वकील द्वारा दाखिल किया गया था। पार्टी ने बताया कि राहुल गांधी को इस आवेदन की सामग्री या दायर करने के फैसले की पूर्व जानकारी नहीं थी।
अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) ने मंगलवार देर रात बयान जारी कर कहा कि संबंधित वकील ने यह आवेदन अपने स्तर पर दाखिल किया था, जिसे अब वापस लेने का निर्णय लिया गया है। पार्टी के अनुसार, राहुल गांधी की सुरक्षा संबंधी कोई औपचारिक शिकायत न तो उन्होंने स्वयं की है और न ही इसके लिए किसी को अधिकृत किया है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रविवार को पुणे की एक अदालत में सावरकर मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की तरफ से दाखिल आवेदन में कहा गया कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और उनकी टिप्पणियों के कारण उनकी जान को खतरा है। साथ ही, राज्य सरकार से ‘निवारक सुरक्षा’ (preventive protection) की मांग की गई थी।
इस दावे के सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी। विपक्षी दलों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी, वहीं भाजपा और शिंदे गुट ने कांग्रेस पर राजनीतिक सहानुभूति बटोरने का आरोप लगाया।
अब वकील द्वारा आवेदन वापसी के कदम ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है। हालांकि, इससे जुड़े राजनीतिक विवाद फिलहाल थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं।