सिडनी (ऑस्ट्रेलिया):
शहर के उपनगर में हाल ही में एक आधुनिक स्वास्थ्य क्लिनिक की शुरुआत हुई। उद्घाटन के समय यह उम्मीद की जा रही थी कि यह क्लिनिक स्थानीय लोगों के लिए राहत का बड़ा केंद्र बनेगी। लेकिन हकीकत इससे उलट निकली — क्लिनिक में हर सुविधा मौजूद है, केवल एक चीज़ की कमी है — डॉक्टर की।
इस क्लिनिक को हाल ही में एक निजी हेल्थकेयर समूह ने स्थापित किया है। इमारत पूरी तरह तैयार है — रिसेप्शन, उपकरण, दवाइयाँ, और इंतज़ार करते मरीज सब मौजूद हैं। पर जिस व्यक्ति पर पूरा सिस्टम टिका होना चाहिए, यानी जनरल प्रैक्टिशनर (GP), वही मौजूद नहीं है।
क्लिनिक के मैनेजर ने स्थानीय मीडिया से कहा,
“हमारे पास दर्जनों मरीज हर दिन आ रहे हैं, लेकिन फिलहाल कोई GP उपलब्ध नहीं है। हमने कई डॉक्टरों से संपर्क किया, पर कोई भी इस पद के लिए आगे नहीं आया।”
इलाके के लोग इस सुविधा के शुरू होने से बेहद खुश थे, क्योंकि पहले उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी दूर जाना पड़ता था। लेकिन अब उनकी निराशा साफ झलकती है।
एक बुजुर्ग निवासी श्रीमती लिंडा जोन्स ने बताया,
“हम सब बहुत खुश थे कि अब पास में क्लिनिक खुल गई है। लेकिन जब पता चला कि डॉक्टर ही नहीं है, तो ये तो मज़ाक जैसा लगता है। हमने अपॉइंटमेंट ली, पर बाद में बताया गया कि डॉक्टर अभी तक नियुक्त नहीं हुए हैं।”
यह स्थिति सिर्फ एक क्लिनिक की नहीं है, बल्कि पूरे ऑस्ट्रेलिया में GP डॉक्टरों की भारी कमी देखी जा रही है।
रॉयल ऑस्ट्रेलियन कॉलेज ऑफ जनरल प्रैक्टिशनर्स (RACGP) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश में इस समय 2,400 से अधिक GP पद खाली हैं। अनुमान है कि अगले दशक में यह संख्या 5,000 से भी अधिक हो सकती है।
कई विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल छात्रों में अब जनरल प्रैक्टिशनर बनने की रुचि कम हो रही है। अधिकतर छात्र उच्च वेतन और बेहतर जीवनशैली वाले क्षेत्रों जैसे सर्जरी, एनेस्थीसिया या रेडियोलॉजी की ओर रुख कर रहे हैं।
एक वरिष्ठ स्वास्थ्य नीति विश्लेषक ने कहा,
“GP का काम बहुत चुनौतीपूर्ण है — दिनभर कई मरीज, लंबी जिम्मेदारी और कम आर्थिक प्रोत्साहन। यह अब ‘एक अलग नस्ल’ के डॉक्टरों का काम बन गया है जो सेवा भावना से प्रेरित हों।”
ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी हमेशा से रही है, लेकिन अब यह समस्या शहरी क्षेत्रों तक पहुँच चुकी है।
सिडनी जैसे महानगरों में भी कई नई क्लिनिकें खुली हैं, पर डॉक्टर नहीं मिल रहे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, विदेशी डॉक्टरों की नियुक्ति भी कठिन हो गई है क्योंकि वीज़ा और लाइसेंस प्रक्रियाएँ लंबी हैं।
GP डॉक्टरों की कमी से पूरा स्वास्थ्य तंत्र प्रभावित हो रहा है।
आपातकालीन विभागों में भीड़ बढ़ रही है क्योंकि सामान्य बीमारियों के लिए भी लोग सीधे अस्पताल पहुँच रहे हैं।
मरीजों को अपॉइंटमेंट के लिए हफ्तों इंतज़ार करना पड़ता है।
मानसिक स्वास्थ्य और पुरानी बीमारियों का उपचार रुक जाता है क्योंकि नियमित परामर्श नहीं मिल पाता।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने GP पेशे को आकर्षक बनाने के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की है — जैसे छात्रवृत्ति, कर छूट, और ग्रामीण सेवा भत्ता। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पर्याप्त नहीं है।
क्लिनिकों का कहना है कि मेडिकेयर रिबेट (सरकारी भुगतान) पिछले कई वर्षों से बहुत कम बढ़ा है, जिससे डॉक्टरों की आय प्रभावित हुई है और निजी क्लिनिकों का खर्च बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह संकट और गहराएगा।
प्रमुख सुझावों में शामिल हैं:
GP प्रशिक्षण सीटों में वृद्धि
डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन योजनाएँ
टेलीहेल्थ को बढ़ावा
प्रशासनिक बोझ में कमी, ताकि डॉक्टर इलाज पर ध्यान दे सकें