ऑस्ट्रेलिया के प्रॉपर्टी बाजार को लेकर जारी नई रिपोर्ट में देश के उन इलाकों की पहचान की गई है, जहां पिछले 12 महीनों में मकानों और यूनिट्स की कीमतों में अपने आसपास के क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े रियल एस्टेट पोर्टल realestate.com.au के नए ऑनलाइन टूल के आधार पर सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अगर बीते एक साल में कीमतों की वृद्धि के आधार पर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्य की बात करें, तो पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (WA) शीर्ष पर रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर घरों और यूनिट्स की कीमतों में वृद्धि के मामले में टॉप-20 में से 11 स्थान पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के उपनगरों ने हासिल किए हैं। इनमें पर्थ के उत्तर और दक्षिण-पूर्वी इलाकों का दबदबा देखने को मिला।
इस नई रिपोर्ट में “हॉटनेस स्कोर” नामक एक विशेष पैमाना इस्तेमाल किया गया है। यह किसी उपनगर (सबर्ब) की सालाना प्रतिशत वृद्धि और उसके पूरे क्षेत्र (रीजन) की औसत वृद्धि के बीच का अंतर बताता है।
फॉर्मूला:
किसी उपनगर की प्रतिशत वृद्धि – संबंधित क्षेत्र की औसत प्रतिशत वृद्धि = हॉटनेस स्कोर
यानी यदि किसी उपनगर में कीमतें 30% बढ़ीं और उसी क्षेत्र में औसतन 10% की वृद्धि हुई, तो उस उपनगर का हॉटनेस स्कोर 20 होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, मेलबर्न के दक्षिण-पूर्वी इलाके व्हीलर्स हिल ने यूनिट्स की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया है। यहां यूनिट की मौजूदा औसत कीमत 9.37 लाख डॉलर है, जो पिछले 12 महीनों में 36 प्रतिशत बढ़ी है। जबकि उसी क्षेत्र में औसतन 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस तरह व्हीलर्स हिल का हॉटनेस स्कोर 27 रहा, जो देश में सबसे अधिक है।
अगर मकानों की बात करें, तो ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी (ACT) के व्हिटलम उपनगर ने सबसे बड़ा हॉटनेस स्कोर हासिल किया। यहां मकानों की औसत कीमत 9.18 लाख डॉलर है, जो एक साल में 35 प्रतिशत बढ़ी है। जबकि पूरे ACT में औसतन 10 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। इस प्रकार व्हिटलम का हॉटनेस स्कोर 25 रहा।
पूर्वी तट पर भी कई ऐसे उपनगर सामने आए हैं जो अपने क्षेत्र की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें विक्टोरिया के जिलॉन्ग का कोरियो, न्यू साउथ वेल्स के हंटर वैली का ब्रैंकस्टन और क्वींसलैंड के सेंट्रल क्वींसलैंड का माउंट मॉर्गन प्रमुख हैं।
रिपोर्ट से यह संकेत मिलता है कि बेहतर रिटर्न की तलाश में खरीदार अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उभरते उपनगरों और क्षेत्रीय इलाकों की ओर भी रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी ऐसे उपनगर, जहां स्थानीय स्तर पर विकास, बुनियादी ढांचा और मांग मजबूत है, वे निवेशकों और खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रह सकते हैं।