लंदन, 30 नवंबर 2025 — प्रिंसेस डायना के 1995 के कुख्यात पैनोरामा इंटरव्यू को लेकर नए सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। पत्रकार एंडी वेब की नई किताब “डायनारामा” में दावा किया गया है कि डायना को वह इंटरव्यू देने के लिए जिस तरह राजी किया गया, वह धोखे, जालसाजी और डर फैलाने की एक सुविचारित साजिश थी—और इसका उनकी ज़िंदगी की आखिरी घटनाओं पर गहरा असर पड़ा।
5 नवंबर 1995 को एक वैन Kensington Palace में दाखिल हुई, जिसमें हाइट-फाई बेचने वाले सेल्समैन बताए गए लोग मौजूद थे। बाद में पता चला कि वे BBC के रिपोर्टर मार्टिन बशीर की टीम थी, जो चुपचाप इतिहास का सबसे धमाकेदार इंटरव्यू रिकॉर्ड करने आई थी।
किताब के मुताबिक:
बशीर ने डायना के भाई अर्ल स्पेंसर तक पहुँचने के लिए फर्जी बैंक दस्तावेज़ तैयार करवाए
इन दस्तावेज़ों में दावा था कि स्पेंसर के सुरक्षा प्रमुख और डायना के करीबी कर्मचारी “गुप्त एजेंसियों को जानकारी बेच रहे थे”
इससे स्पेंसर और फिर डायना दोनों के मन में डर और अविश्वास पैदा किया गया
अर्ल स्पेंसर ने खुद आरोप लगाया है कि बशीर ने “उनके डर और कमजोरियों पर खेलकर” डायना तक पहुंच बनाई।
1995 में डायना पहले से ही बेहद अकेली और मानसिक रूप से दबाव में थीं। उनके और प्रिंस चार्ल्स के रिश्ते टूट चुके थे और महल के भीतर सत्ता संघर्ष अपनी चरम सीमा पर था।
किताब में दावा है कि:
डायना को पहले से लगता था कि कोई उनकी निजी बातें लीक कर रहा है
बशीर ने इसी डर को भुनाया
उन्होंने स्पेंसर को एक ऐसा उपकरण दिया जिससे फोन कॉल रिकॉर्ड किए जा सकते थे, ताकि माहौल और तनावपूर्ण लगे
बशीर ने यह भी दावा किया कि महल के कर्मचारी डायना और चार्ल्स दोनों को “बेच” रहे हैं
एक फैक्स में उन्होंने यह तक लिख भेजा कि प्रिंस चार्ल्स की नानी टिग्गी लेग-बर्क उनसे गर्भवती होकर अबॉर्शन करवा चुकी हैं — एक दावा जो बाद में पूरी तरह झूठ सिद्ध हुआ।
एंडी वेब लिखते हैं कि बशीर ने स्पेंसर और डायना दोनों के साथ “मानव शतरंज” खेला।
उनके मुताबिक, डायना पहले से ही नाज़ुक मानसिक स्थिति में थीं और बशीर की चालें उन्हें पूरी तरह विश्वास दिलाने में सफल रहीं कि उनके आसपास “काला षड्यंत्र” चल रहा है।
अर्ल स्पेंसर का कहना है,
“मुझे धोखे में रखकर डायना तक पहुँचना ही उनका असली लक्ष्य था।”
किताब में वेब दावा करते हैं कि अगर यह इंटरव्यू इतनी धोखाधड़ी से न कराया गया होता, तो शायद आगे की परिस्थितियां कुछ और होतीं।
अर्ल स्पेंसर पहले भी कह चुके हैं कि वे “इस इंटरव्यू को और 1997 में डायना की मौत को जोड़कर देखते हैं।”
2021 में हुई आधिकारिक जाँच में भी यह पाया गया था कि बशीर ने डायना को इंटरव्यू देने के लिए “अनुचित और भ्रामक तरीकों” का इस्तेमाल किया था। BBC ने इसके लिए सार्वजनिक माफ़ी भी मांगी थी।
अब “डायनारामा” इस पूरे प्रकरण को नए सिरे से देखने की कोशिश करती है—यह दावा करते हुए कि पर्दे के पीछे का सच अभी भी पूरी तरह सामने नहीं आया था।