काठमांडू। नेपाल सरकार ने तीन दिन पहले लगाया गया सोशल मीडिया बैन वापस ले लिया है। सरकार का यह फ़ैसला देशभर में उभरे उग्र प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों के बीच आया है, जिनमें अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से अधिक घायल हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक़, सरकार ने हालिया प्रदर्शन की लहर को देखते हुए सोशल मीडिया पर रोक लगाई थी, लेकिन इससे युवाओं और नागरिक समूहों का आक्रोश और भड़क गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह बैन उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
राजधानी काठमांडू सहित कई प्रमुख शहरों में पिछले तीन दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। इन प्रदर्शनों ने कई जगह हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं।
सरकार ने बयान जारी कर कहा कि “जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए सोशल मीडिया पर लगाई गई अस्थायी रोक को हटाया जा रहा है।” हालांकि, साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बैन ने सरकार और युवाओं के बीच अविश्वास की खाई और गहरी कर दी है। अब देखना यह होगा कि बैन हटने के बाद हालात सामान्य होते हैं या प्रदर्शनों की आग और भड़कती है।