मेलबर्न। विक्टोरिया पुलिस ने मंगलवार को कुख्यात श्वेत सर्वोच्चतावादी और नाजी विचारधारा से जुड़े थॉमस सुवेल को मेलबर्न मजिस्ट्रेट्स कोर्ट के बाहर गिरफ्तार कर लिया। सुवेल पर हाल ही में हुए किंग्स डोमेन पार्क की घटना से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
रविवार शाम शहर के मध्य स्थित किंग्स डोमेन पार्क में स्थित पवित्र आदिवासी स्थल कैंप सॉवरेन्टी पर लगभग 50 नेशनल सोशलिस्ट नेटवर्क (NSN) के सदस्यों ने धावा बोल दिया।
इन युवकों की भीड़ और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई। घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में सुवेल को भीड़ में सक्रिय देखा गया है। एक फोटो में वे मुक्का मारते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि इस हिंसा में पत्थरबाजी और धक्का-मुक्की हुई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने मजिस्ट्रेट्स कोर्ट के बाहर सुवेल के साथ मूरूलबार्क और आर्डियर के दो युवकों (23 और 20 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया।
तीनों पर हिंसक उपद्रव, अफरे (Affray), लात से हमला, प्रोजेक्टाइल फेंकने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
विक्टोरिया पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई 31 अगस्त को किंग्स डोमेन में हुई हिंसक झड़पों की जांच का हिस्सा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। सुवेल को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तारी से कुछ ही घंटे पहले सुवेल ने विक्टोरियन मुख्यमंत्री जैसिंटा एलन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अचानक घुसकर हंगामा कर दिया।
उन्होंने राज्य सरकार पर विरोध प्रदर्शनों को दबाने का आरोप लगाया और ऊँची आवाज़ में सवाल दागने लगे। सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें रोका, जबकि मुख्यमंत्री और उनके साथ मौजूद अन्य नेता कार्यक्रम स्थल से बाहर चले गए।
सुवेल चिल्लाते हुए पूछ रहा था – “ऑस्ट्रेलियाई लोगों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार क्यों नहीं है? सरकार हमें विरोध करने से क्यों रोकना चाहती है?”
यह पहला मौका नहीं है जब सुवेल विवादों में आया हो। वह एंटी-इमिग्रेशन मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया में भाषण दे चुका है और 2024 में पुलिसकर्मी को धमकाने के मामले में उस पर पहले भी मुकदमा चल चुका है।
विक्टोरिया पुलिस ने एक बयान में कहा –
“मेलबर्न क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट के अधिकारियों ने करीब 3:20 बजे कोर्ट में कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी किंग्स डोमेन पार्क में हुई कथित मारपीट और हिंसा से जुड़े मामलों की जांच के तहत हुई है।”
थॉमस सुवेल और उनकी नाजी समर्थक गतिविधियों को लेकर ऑस्ट्रेलियाई समाज में पहले से ही गहरी चिंता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अति-दक्षिणपंथी समूहों की बढ़ती सक्रियता देश की सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा बन रही है।