नर्सों और दाइयों की भारी कमी, न्यू साउथ वेल्स को हर साल 100 मिलियन डॉलर का नुकसान

नर्सों और दाइयों की भारी कमी, न्यू साउथ वेल्स को हर साल 100 मिलियन डॉलर का नुकसान

सिडनी:
ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (NSW) राज्य में नर्सों और दाइयों (मिडवाइफ) की गंभीर कमी अब एक बड़े आर्थिक संकट का रूप लेती जा रही है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, इस कमी को पूरा करने के लिए एजेंसी नर्सों और दाइयों पर राज्य सरकार को हर साल लगभग 100 मिलियन डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, केवल एक वर्ष के भीतर ही एजेंसी स्टाफ पर होने वाला कुल खर्च लगभग दोगुना हो गया है। यह स्थिति राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव डाल रही है, साथ ही दीर्घकालिक समाधान की कमी को भी उजागर कर रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी नर्सों और दाइयों की भर्ती न होने के कारण अस्पतालों को महंगे एजेंसी कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे न केवल सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ रहा है, बल्कि मरीजों की देखभाल की निरंतरता और गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।

नर्स यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि काम के बोझ, वेतन और कार्य-परिस्थितियों में सुधार नहीं किया गया, तो यह संकट और गहरा सकता है। यूनियनों का कहना है कि अस्थायी समाधान के बजाय सरकार को स्थायी भर्ती, बेहतर वेतन और सुरक्षित कार्य-पर्यावरण पर ध्यान देना चाहिए।

वहीं राज्य सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए एजेंसी स्टाफ का सहारा लेना फिलहाल जरूरी है, लेकिन दीर्घकालिक रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में नर्सों और दाइयों की यह कमी न केवल आर्थिक बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती है।