न्यू साउथ वेल्स में चाइल्डकेयर सुधारों पर विवाद

न्यू साउथ वेल्स में चाइल्डकेयर सुधारों पर विवाद

सिडनी। न्यू साउथ वेल्स (NSW) सरकार द्वारा प्रस्तावित व्यापक चाइल्डकेयर सुधारों को लेकर राज्य के सबसे बड़े नॉट-फॉर-प्रॉफ़िट प्रदाता संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है। इन संस्थाओं ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वे इस विधेयक पर तुरंत अमल न करें और कम से कम तीन महीने तक परामर्श की प्रक्रिया को समय दें।


प्रदाताओं की मुख्य आपत्तियाँ

कु चिल्ड्रन सर्विसेज़, गुडस्टार्ट अर्ली लर्निंग और एसडीएन चिल्ड्रन सर्विसेज़ जैसी संस्थाओं ने शुक्रवार को संसदीय जांच समिति के समक्ष कहा कि सरकार के प्रस्तावित सुधारों से क्षेत्र पर अनावश्यक बोझ बढ़ेगा।

  • 900 प्रतिशत तक जुर्माने की वृद्धि: बड़े प्रदाताओं पर भारी आर्थिक दंड का खतरा मंडरा रहा है।

  • कड़ी सुरक्षा शर्तें: कुछ प्रावधान ऐसे हैं जिनमें कारावास तक का प्रावधान जुड़ा है, जिसे संस्थान “मूलभूत विधायी सिद्धांतों का उल्लंघन” बता रहे हैं।

  • राष्ट्रीय ढाँचे से विचलन: प्रदाताओं का मानना है कि यदि NSW अलग रास्ता अपनाता है, तो पूरे देश की राष्ट्रीय नियामक व्यवस्था कमजोर होगी।


परामर्श और राष्ट्रीय पहल का हवाला

कु चिल्ड्रन सर्विसेज़ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टीन लेग ने कहा:
“हम चाहते हैं कि सुधार राष्ट्रीय स्तर पर जारी प्रक्रिया के तहत हों। अगर राज्य अलग क़दम उठाता है तो यह न केवल असंगति पैदा करेगा बल्कि पूरे सिस्टम की साख को नुकसान पहुँचा सकता है।”

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाल के दुर्व्यवहार मामलों से अभिभावकों का भरोसा डगमगाया है, लेकिन यह समस्या हर संगठन में नहीं है।


क्षेत्र की मांग

प्रदाताओं ने सरकार से अपील की है कि:

  • विधेयक को फिलहाल स्थगित किया जाए।

  • राष्ट्रीय शिक्षा मंत्रियों की समिति द्वारा चल रहे सुधार कार्य के अनुरूप आगे बढ़ा जाए।

  • व्यापक और पारदर्शी परामर्श प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।