सिडनी/पोर्ट मोरेस्बी — ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा प्रशासित और टैक्सपेयर पैसों से संचालित नेशनल रग्बी लीग (NRL) की पेसिफिक विस्तार योजना अब एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले की चपेट में आ गई है। पापुआ न्यू गिनी (PNG) के व्यवसायी वपु सोंक, जो कि इस योजना में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे, अब सवालों के घेरे में हैं।
वपु सोंक, जो PNG की सरकारी कंपनी कुमुल पेट्रोलियम होल्डिंग्स लिमिटेड (KPHL) के सीईओ रह चुके हैं, ने पेसिफिक टीम की NRL में एंट्री के लिए जोरदार पैरवी की थी। इस योजना को ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के रणनीतिक उद्देश्य से समर्थन दिया था। लेकिन सामने आए तथ्यों के अनुसार, कुमुल पेट्रोलियम के माध्यम से की गई एक संदिग्ध डील ने ठीक उसी चीनी प्रभाव को खुला न्योता दिया है, जिससे बचने की कोशिश की जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, कुमुल पेट्रोलियम और एक चीनी निवेश समूह के बीच संभावित साझेदारी को लेकर पर्दे के पीछे कई गोपनीय बैठकें हुईं। यह साझेदारी न केवल पारदर्शिता की शर्तों का उल्लंघन करती है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी खतरे की घंटी मानी जा रही है।
पापुआ न्यू गिनी में इस खुलासे के बाद राजनीति गर्मा गई है। विपक्षी नेताओं ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय और खेल विभाग ने अब तक इस पर कोई सीधा बयान नहीं दिया है।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया सरकार ने पेसिफिक रग्बी लीग टीम के लिए करोड़ों डॉलर की फंडिंग की थी, ताकि इस क्षेत्र में चीन की रणनीतिक घुसपैठ को रोका जा सके। लेकिन अब यह योजना अपने ही मकसद से भटकती दिखाई दे रही है।
यह घोटाला न केवल रग्बी प्रेमियों के लिए झटका है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे खेल के नाम पर की गई राजनयिक रणनीतियां भ्रष्टाचार और निजी स्वार्थों की भेंट चढ़ सकती हैं।