नासा ने अंतरिक्ष से प्राप्त नई तस्वीरों के आधार पर एक अत्यंत दुर्लभ अंतरतारकीय धूमकेतु थ्री आई-एटलस (3I–ATLAS) की पुष्टि की है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह धूमकेतु हमारे सौरमंडल से भी अधिक पुराना है और किसी दूरस्थ तारा प्रणाली से होते हुए यहां पहुंचा है।
यह धूमकेतु जुलाई 2024 में खोजा गया था और इन दिनों पृथ्वी के पास से सुरक्षित दूरी पर गुजर रहा है।
थ्री आई-एटलस को सबसे पहले चिली में स्थित एस्टेरॉयड टेरेस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम (ATLAS) दूरबीन ने दर्ज किया था।
इसके कक्षीय मार्ग का अध्ययन करने पर स्पष्ट हुआ कि यह सौरमंडल का स्थायी सदस्य नहीं, बल्कि किसी दूसरे तारे या अंतरतारकीय क्षेत्र से आया हुआ पिंड है।
अक्टूबर–नवंबर के दौरान धूमकेतु की स्थिति अधिक स्पष्ट होने पर नासा ने इसकी सत्यापित और उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें जारी कीं।
अब तक केवल तीन ही वस्तुएँ ऐसी देखी गई हैं, जो अंतरतारकीय अंतरिक्ष से होकर हमारे सौरमंडल में आईं—
1I ‘ओउमुआमुआ’ (2017)
2I ‘बोरिसोव’ (2019)
3I ‘एटलस’ (2024)
थ्री आई-एटलस भी इन्हीं की तरह सौरमंडल में प्रवेश कर अब आगे की यात्रा पर निकलने वाला है।
धूमकेतु के अध्ययन के दौरान एक वैज्ञानिक द्वारा इसे संभावित ‘एलियन तकनीक’ बताया गया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई थी।
नासा ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा—
“थ्री आई-एटलस एक सामान्य धूमकेतु जैसा दिखता है और उसी तरह व्यवहार भी कर रहा है। इसके व्यवहार में कहीं भी तकनीकी सक्रियता के संकेत नहीं मिले हैं।”
जारी तस्वीरों में धूमकेतु की कोमा (गैसीय आवरण) और धूल की पूंछ स्पष्ट दिखाई दे रही है, जो इसकी प्राकृतिक संरचना की पुष्टि करती है।
हवाई विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्रियों के अनुसार, धूमकेतु पृथ्वी से लगभग 27.5 करोड़ किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा।
अक्टूबर में यह सूर्य के सबसे नजदीक आया था। अब यह पृथ्वी के पास से गुजरने के बाद वापस अंतरतारकीय अंतरिक्ष की ओर बढ़ जाएगा।