ऑस्ट्रेलियन ओपन में भावुक क्षण: बढ़त के बावजूद चोट के कारण मुसैटी ने मैच छोड़ा, उठे सवाल

ऑस्ट्रेलियन ओपन में भावुक क्षण: बढ़त के बावजूद चोट के कारण मुसैटी ने मैच छोड़ा, उठे सवाल

मेलबर्न।
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में इटली के टेनिस खिलाड़ी लोरेन्जो मुसैटी का सफर एक बेहद भावुक और विवादास्पद मोड़ पर आकर समाप्त हो गया। विश्व के दिग्गज खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के खिलाफ दो सेट की बढ़त लेने के बावजूद मुसैटी को चोट के कारण मैच बीच में छोड़ना पड़ा।

23 वर्षीय मुसैटी ने पहला सेट 6-4 और दूसरा सेट 6-3 से जीतकर मैच पर मजबूत पकड़ बना ली थी। हालांकि तीसरे सेट में 2-1 से पीछे रहने के दौरान उन्होंने मेडिकल टाइम-आउट लिया। उपचार के बाद कोर्ट पर लौटे मुसैटी स्पष्ट रूप से चलने में असमर्थ दिखे और अंततः 3-1 के स्कोर पर उन्होंने मुकाबले से हटने का फैसला किया।

मैच के बाद मुसैटी ने बताया कि उन्हें दूसरे सेट की शुरुआत से ही दाहिने पैर में परेशानी महसूस हो रही थी, लेकिन शुरुआती समय में वह दर्द को छिपाने में सफल रहे।
उन्होंने कहा,
“दर्द लगातार बढ़ता जा रहा था। मेडिकल ब्रेक के बाद स्थिति और बिगड़ गई। आगे खेलना मेरे शरीर के लिए सही नहीं था।”

यह मुसैटी का ग्रैंड स्लैम के दूसरे सप्ताह में चौथा रिटायरमेंट रहा है, जिनमें से तीन पिछले 12 महीनों में हुए हैं। इससे पहले वह 2025 यूएस ओपन में यानिक सिनर के खिलाफ और 2025 फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में कार्लोस अल्काराज़ के खिलाफ भी चोट के कारण मैच पूरा नहीं कर पाए थे।

हालांकि मुसैटी के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया और टेनिस जगत में तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। कुछ पूर्व खिलाड़ियों और विश्लेषकों ने उन पर “बहुत जल्दी हार मानने” के आरोप लगाए। अमेरिकी टेनिस विश्लेषक ब्रैड गिल्बर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण मुकाबले में दर्द निवारक लेकर कम से कम एक सेट और खेला जा सकता था।

इन आलोचनाओं के जवाब में डेनमार्क के टेनिस खिलाड़ी होल्गर रूने मुसैटी के समर्थन में सामने आए। उन्होंने कहा,
“मैंने खुद हल्की चोट के बावजूद खेलने की कोशिश की थी, जिसकी कीमत मुझे लंबे समय तक टेनिस से दूर रहकर चुकानी पड़ी। शरीर की सुनना भी उतना ही जरूरी है।”

नोवाक जोकोविच ने भी मैच के बाद मुसैटी के प्रति सम्मान जताया और कोर्ट छोड़ते समय उनके लिए तालियाँ बजाईं। जोकोविच ने कहा कि चोट के साथ खेलने का जोखिम हर खिलाड़ी को समझदारी से तौलना चाहिए।

मुसैटी के लिए यह हार सिर्फ एक मैच की नहीं, बल्कि उनके करियर के सबसे बड़े अवसरों में से एक के छूट जाने का दर्द भी लेकर आई। पहली बार हार्ड कोर्ट ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना उनके लिए अधूरा रह गया।